Home Breaking हरियाणा में फसलों की बुआई के लिए खाद की किल्लत नहीं होने देगी सरकार, पढ़िए पूरी खबर

हरियाणा में फसलों की बुआई के लिए खाद की किल्लत नहीं होने देगी सरकार, पढ़िए पूरी खबर

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Yuva haryana, Chandigarh

हरियाणा में कोरोना से जारी जंग के बीच किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। बंद के दौरान सरकार ने रेल, सड़क मार्ग के जरिए पूरे प्रदेश में किसानों को खाद पहुंचाने का निर्णय लिया है। कीटनाशक भी किसानों को मुहैया कराए जाएंगे।

खाद का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड पानीपत करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि संजीव कौशल ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने खाद वितरण के लिए समुचित प्रबंध करने के लिए डीसी को पत्र लिखा है। NFL पानीपत को खाद उत्पादन करने के साथ ही वितरण के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय भी स्थापित करना होगा।

खाद की किल्लत न हो और किसान हाहाकार न मचाएं इसलिए सरकारी, सहकारी, और अन्य बिक्री केंद्रों को सुबह 10 बजे से एक तक खोला जाएगा। किसानों की मांग ज्यादा दोने पर जरूरत अनुसार रोस्टर तैयार कर निजी दुकानें भी खाद बिक्री के लिए अधिकृत की जाएंगी।

केंद्र सरकार ने बीच व कीटनाशकों को तो लॉकडाउन में छूट दे दी जाएगी, लेकिन खाद को उसमें शामिल नहीं किया था हरियाणा सरकार ने इसे आवशयक सेवाओं में शामिल करते हुए उत्पादन व आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। चूंकि, हरियाणा में खाद की मांग लाखों टन में रहती है। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल के शुरुआती समय में खाद की किल्लत के कारण थानों तक में चुकी है। स्टॉक कम होने के कारण बिक्री केंद्रों पर मारपीट के कोई मले सामने आए थे। सरकार नहीं चाहती कि कोरोना महामारी के समय पुराना इतिहास दोहराया जाए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि काद की आपूर्ति निर्बाध तरीके से किसानों को की जाए। कहीं पर खाद आपूर्ति करने वाले वाहनों को न रोका जाए। बाहर से भी खाद ली जाए, क्योंकि NFL अकेले मांग को पूरा नहीं कर सकता। केंद्र सरकार से भी मांग की गई है कि हरियाणा को उसके हिस्से की खाद बीते सालों की मांग अनुसार उपलब्ध कराई जाए।

लरकार फसलों की कटाई और खरीफ की फसलों की बुआई के लिए किसानों को घर से बाहर निकलने देगी। 14 अप्रैल के बाद किसानों को खेत में जाने की छुट होगी। कंबाइन के अलावा मजदूरों की व्यवस्था करने पर भी काम चल रहा है। गेहूं की फसल मौसम के खराब रहने के कारण अभी तक पक नहीं पाई है।

आपको बता दें कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर प्रदेश के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों के तकनीकी कर्मचारियों (डॉक्टर और प्रशिक्षित कर्मियों) को कम से कम तीन महीने की अवधि के लिए अनुबंध आधार पर नियुक्ति के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है।

PGIMS- रोहतक, भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज- नलहड़, कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, करनाल और महाराजा अग्रसेन मिडिकल कॉलेज- अग्रोहा में नई प्रयोगशालाएं शुरू करने का निर्माण लिया है। सीएम ने बताया कि इन प्रयोगशालाओं के 24 घंटे चलाने के लिए सांइटिस्ट (मेडिकल), रिसर्च सांइटिस्ट (नॉन-मेडिकल), रिसर्च असिस्टेंट, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है।

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