मशहूर बांसुरी वादक बाबा काशी नाथ का निधन, अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर पर जीते थे कई अवार्ड

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Suren Sawant, Yuva Haryana

Sirsa, 27 May, 2018

सिरसा के झोरड़नाली गांव में जन्में अंतर राष्ट्रीय बांसुरी वादक बाबा कांशी नाथ का बीते दिन निधन हो गया। 95 वर्षीय बाबा एक जोगी परिवार से संबंध रखते थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट कर अपनी सवेंदनाएं भी प्रकट की हैं।

बता दें कि बाबा ने विदेशो में अपनी वंजलि से देश का नाम रोशन किया था। उन्होंने इंग्लैण्ड में चार बार फॉकल संगीत प्रतियोगता में देश का प्रतिनिधित्व कर हर बार स्वर्ण पदक हासिल किया था।

बताया जा रहा है पिछले कुछ दिनों से बाबा कांशी नाथ बीमार पड़ गए थे। उनका उपचार भी चल रहा था, लेकिन अचानक उन्होंने घर पर ही प्राण त्याग दिए।

उपचार के दौरान उन्होंने अपनी बांसरुी की धुन को आगे बढ़ाते रहने का हुक्म अपने बड़े बेटे को दिया था।

बाबा कांशी नाथ देश की सीमा के पार विदेशों में अति विशिष्ट लोगों के मंचों की शोभा अपनी बांसुरी की धुन से बढ़ाते थे। हरियाणा में भी राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में अकसर उनकी उपस्थिति देखने को मिलती थी।

बांसुरी की धुन ने उन्हें देश -विदेश से अनेक अवार्ड दिलवाए। बेशक बाबा ठेठ अनपढ़ थे, लेकिन बांसुरी की कला के दम पर वह स्वयं की पहचान देश-विदेश में कायम करने में सफल रहे।

बाबा काशी नाथ आजीवन झोपड़ी में रहे थे। यह बात दीगर है कि मंचों पर उनकी धुन में मशगूल नेता व अधिकारी अकसर मकान खड़ा कर देने की बातें करते थे।

बाबा काशी नाथ फॉक, पंजाबी, राजस्थानी, हरियाणवी व पाकिस्तानी धुनें बजाया करते थे। बाबा के बड़े बेटे  महेंद्र सिंह का कहना है कि अकसर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले बड़े समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए कांशी नाथ को बुलाया जाता था। लेकिन प्रशासन आज उनकी मौत पर उन्हें भूल गया है। महेंद्र नाथ ने सरकार से आग्रह किया है की सरकार उनकी मदद करे।

 

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