हादसे में प्राण गंवाने वाले सीवर कर्मियों को बांटे 60 लाख के चैक, प्रदेश के 19 परिवारों की पहचान की

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 29 Oct, 2018
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज यहाँ राज्य के विभिन्न हिस्सों में सीवर की सफाई के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले नौ सीवर कर्मियों के परिवार के सदस्यों को मुआवजे के रूप में लगभग 60 लाख रुपये के चैक भेंट किए। वर्तमान सरकार ने 1993 से अब तक सीवर की सफाई के दौरान हुई मृत्यु की घटनाओं की पहचान की है और हर प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय किया गया है। राज्यभर में कुल 19 ऐसे परिवारों की पहचान की गई है।

कुल 1.90 करोड़ रुपए के मुआवजे में से 1.30 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि पहले ही मृतकों के परिवार के सदस्यों के खातों में जमा करवाई जा चुकी है जबकि मनोहर लाल ने आज यहाँ लगभग 60 लाख रुपये की शेष राशि के चैक वितरित किए। मनोहर लाल ने शकुंतला देवी निवासी हनुमान गेट, वाल्मीकि बस्ती,  भिवानी को 10 लाख रुपये का चैक, हुकम चंद निवासी गांव बुसाना, जिला रोहतक को 7,40,467 रुपये, कृष्णा गांव मोई हुडा, जिला सोनीपत को 7,42,000 रुपये, अनीता निवासी गांव लुडाना, जिला जींद को 7,10,683 रुपये, संतोष निवासी गांव ककरोई, जिला सोनीपत को 3,17,262 रुपये, निशा निवासी गांव आसन एवं सीमा निवासी गांव बहांदरी और सुरेश रानी एवं सुमन निवासी गांव नोहरा जिला पानीपत को 6,21,525-6,21,525 रुपये के चैक भेंट किए।

मनोहर लाल ने मृतकों के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की और उनके परिवार एवं आजीविका के स्रोत के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को प्रदेश भर में 1993 के बाद सीवर सफाई के काम के दौरान हुई मृत्यु की घटनाओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनके परिवार के सदस्यों को मुआवजा दिया जा सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि मुख्य मंत्री मनोहर लाल ने सीवर कर्मियों के लिए एक बीमा योजना स्वीकृत की है और वित्त विभाग को उसे मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके अलावा, यह भी निर्णय लिया गया है कि सीवर कर्मियों को अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत भी कवर किया जाएगा।
अरोड़ा ने बताया कि विभाग ने दिशा-निर्देश तैयार किए हैं और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में सभी सुरक्षा उपायों और पूरी सावधानी के साथ केवल प्रशिक्षित व्यक्तियों को ही सीवर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए। सभी नियमित, अस्थायी और संविदा स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए विभाग द्वारा इस क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के 12 सर्कलों में 631 सीवर कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इस अवसर पर सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन भी उपस्थित थे।

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