Home Breaking अब उत्तराखंड के पानी से तर-बत्तर होगा हरियाणा, छह राज्य हुए एकजुट

अब उत्तराखंड के पानी से तर-बत्तर होगा हरियाणा, छह राज्य हुए एकजुट

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 28 August, 2018

उपरी यमुना बेसीन पर लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण के लिए समझौता-पत्र हस्ताक्षरित करने वाले उत्तर भारत के छह राज्यों में हरियाणा राज्य भी शामिल रहा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना से हरियाणा राज्य को 47.82 प्रतिशत पानी मिलेगा।

नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नीतिन जयराम गडकरी और उत्तर भारत के छह राज्यों के मुख्यमंत्री हरियाणा के मनोहर लाल ,उत्तराखंड के त्रिवेंद्र सिंह रावत, हिमाचल के जयराम ठाकुर, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल,उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ व राजस्थान की वसुंधरा राजे सिंधिया ने उपरी यमुना बेसीन पर लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण के लिए समझौता -पत्र हस्ताक्षरित किया। हस्ताक्षरण समारोह में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री अर्जुन सिंह मेघवाल भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने कहा कि लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण से यमुना की जल भंडारण क्षमता में 65 प्रतिशत वृद्वि होगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण से हरियाणा के कृषि क्षेत्र विशेषकर दक्षिण हरियाणा में कृषि क्षेत्र को सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा।

उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिला क्षेत्र में लोहारी गांव के निकट कुल 204 मीटर उंचाई की लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना का निर्माण 3966.51 करोड रुपये से किया जाएगा। लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना की जल भंडारण क्षमता 330.66 एम सी एम (मिलियन क्यूबिक मीटर) होगी। इस भंडारण क्षमता से सभी छह राज्यों की 33,780 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त पेयजल, घरेलू व औद्योगिक उदेश्यों के लिए 78.83 एम सी एम पानी उपलब्ध हो सकेगा। लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना से 330 मेगावाट विद्युत उत्पादन भी होगा।

विवरणानुसार लखवाड बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण की कुल 3966.51 करोड रुपये लागत में से विद्युत उत्पादन घटक की 1388.28 करोड रुपये लागत उत्तराखंड राज्य द्वारा वहन की जाएगी। परियोजना के निर्माण की कुल 3966.51 करोड रुपये लागत में से सिंचाई व पेयजल घटक का 90 प्रतिशत(2578.23 करोड रुपये) केंद्र द्वारा वहन किया जाएगा। सिंचाई व पेयजल घटक का 10 प्रतिशत भाग राज्यों द्वारा उनके अनुपातिक भाग के आधार पर वहन किया जाएगा। हरियाणा राज्य द्वारा 123.29 करोड(47.82 प्रतिशत) रुपये वहन किया जाएगा।

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