हरियाणा में जल्द लगेंगे स्मार्ट मीटर, बिजली चोरी और मीटर रीडिंग से मिलेगा छुटकारा

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Yuva Haryana
Kaithal, 01 Dec, 2018
हरियाणा में 10 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगें और इसके लिए सरकार द्वारा खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन मीटरों में प्रीपेड की व्यवस्था भी होगी तथा 4 व 5 वर्षों में मैनुअल मीटर रीडिंग आदि से छुटकारा मिल जाएगा। 
यह जानकारी आज कैथल में उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शत्रुजीत कपूर ने दी। उन्होंने कहा कि निगमों द्वारा उपभोक्ताओं के मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से बिल भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निगमों द्वारा 10 लाख नए स्मार्ट मीटर खरीदने का टैंडर अलाट किया गया है, ताकि मीटर रीडिंग एवं बिल बनाने में और पारदर्शिता लाई जा सके। 
उन्होंने कहा कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 900 ग्रामीण फीडरों में से 605 फीडरों पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रत्येक ग्रामीण फीडर पर एक से डेढ़ करोड़ रुपए की राशि बिजली के खंभे, तारे व ट्रांसफार्मर बदलने पर खर्च किए जा रहे हैं। हर उपमंडल द्वारा 3-3 फीडर चुनकर यह कार्य करवाया जा रहा है। गत वर्ष बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अप्रैल-मई माह के दौरान विभिन्न सरकारी संस्थानों पर छापेमारी की गई थी तथा लगभग 350 मुकदमें दर्ज किए गए थे।
उन्होंने कहा कि बिजली बिल निपटान योजना-2018 के तहत जिला कैथल में 10 हजार उपभोक्ता इस योजना से जुडे हैं तथा 65 हजार अन्य बकाया बिल उपभोक्ता भी इस योजना का 31 दिसंबर, 2018 तक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गांव अनुसार एवं वार्ड अनुसार बकायादारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जो सरपंचों व जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिनके आधार पर बकाया बिजली बिल उपभोक्ताओं से संपर्क करके उन्हें बकाया बिल के भुगतान बारे प्रेरित किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ महिलाओं को भी काफी सुविधा मिली है। ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने से उद्योग धंधे भी पनपने लगे हैं, जिससे बेरोजगारों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की मांग पर दोबारा मीटर टैस्टिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों ने खाली पदों को भरने के लिए प्रक्रिया जारी है और लगभग 4500 टैक्निकल तथा इतने ही नॉन टैक्निकल स्टाफ की भर्ती की जा रही है, जिसके बाद निगमों में स्टाफ की कमी नहीं रहेगी।

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