किसानों के ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी, किसान सरप्लस बिजली बेच भी सकेंगे

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 14 July, 2018

हरियाणा में किसानों के ट्यूबवेलों को जल्द ही सौर ऊर्जा प्लांटों से चलाने की योजना हरियाणा सरकार बना रही है. इस योजना के शुरु होने के बाद किसान अपने खेतों में पानी लगाने के अलावा बिजली बेच भी सकेंगे। सरकार इसके लिए कुसुम योजना लेकर आ रही है, जिसके जरिये बिजली का समाधान करेगी।

जानकारी के मुताबिक सबसिडी पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये का बोझ सरकार झेल रही है, ऐसे में केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये इस समस्या का समाधान निकालने की तैयारी कर रही है। हरियाणा में इस प्रोजेक्ट के लिए एक कमेटी बनाई गई है।

हरियाणा सरकार प्रदेश में किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन पर दी जाने वाली सबसिडी को बंद करने की तैयारी कर रही है. वहीं सौर ऊर्जा के जरिये ट्यूबवेलों को चलाने का खाका तैयार किया जा रहा है।

एक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब छह लाख किसानों के पास ट्यूबवेल कनेक्शन हैं। करीब पैंतीस हजार कनेक्शन अभी भी पेंडिंग लिस्ट में है। सरकार ने ट्यूबवेलों के बिजली कनेक्शन पर किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दे रही है।

लेकिन ऐसे में सरकार अब सौर ऊर्जा के जरिये बिजली की समस्या से निपटने की तैयारी कर रही है। किसानों के सौर ऊर्जा प्लांट को सीधे पावर ग्रिड से जोड़ने की योजना है जिससे प्लांट से किसानों को सिंचाई और खेती के कामों के लिए बिजली भी मिलेगी और बाकी सरप्लस बिजली भी इससे मिलेगी।

 

 

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