UPSC सिविल सर्विस परीक्षा में सोनीपत की बेटी छाई, दूसरा स्थान हासिल कर चमकाया नाम

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यूपीएससी ने 2017 में सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन की लिखित परीक्षा और 2018 में इंटरव्यू के आधार पर नतीजों का ऐलान कर दिया है।

 

अनु कुमारी –

UPSC की परीक्षा में हरियाणा के सोनीपत की बेटी अनु कुमारी ने दूसरा स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम चमकाया है। शादीशुदा और एक 4 साल के बच्चे की मां होने के बावजूद अनु ने ये मुकाम हासिल किया है। अपनी इस उपलब्धि पर अनु ने कहा कि मेरे लिए ये एक सपने जैसा है। इसके लिए वो दिन में 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं। इस सफलता से वह बेहद खुश हैं और साथ ही IAS बनकर वो समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं। रिजल्ट के बाद से ही अनु के घर बधाईयों का तांता लगा हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अनु को ट्वीट कर बधाई दी है।

कौन है अनु कुमारी –

हरियाणा के सोनीपत में जन्मी 31 वर्षीय अनु की शादी एक बिजनेसमैन से हुई थी। किसान परिवार से संबंध रखने वाली अनु ने एक अच्छी गृहनी और एक अच्छी मां होने के साथ- साथ प्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। कहते है कि शादी के बाद एक महिला की जिंदगी सिर्फ उसकी गृहस्ती तक ही सिमित रहती है, लेकिन इस बेटी ने लोगों की सोच को गलत सिद्ध कर ये साबित कर दिया है कि अपने सपनों की उड़ान भरने का जज्बा हो तो सभी कठिनाईयां दूर हो जाती है।

कहां से की पढ़ाई –

हरियाणा की इस बेटी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद अनु ने नागपुर से MBA  कर गुरुग्राम में एक कंपनी में नौकरी भी की। पहले से ही अनु का सपना सिविल सेवा में जाना था, इसलिए उसने नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। अपने लक्ष्य को पाने के लिए अनु ने कढ़ी मेहन की है, जिसके चलते उन्होंने बच्चे को भी खुद से ढ़ेड साल दूर रखा।

जानिए अनु की कहानी उन्हीं की जुबानी –

मैं एक किसान परिवार से संबंध रखती हूं। पढ़ाई पूरी होने के बाद 9 साल मैंने नौकरी की, जिसके बाद पढ़ाई से पूरे तरीके से मेरा संबंध टूट चुका था। इतने सालों बाद एक बड़ी परीक्षा पास करना काफी चुनौती भरा था। इस बीच शादी हो गई, तो सिर पर ज्यादा जिम्मेदारियां आईं। घर वालों का ध्यान रखने के साथ बच्चों का पालन- पोषण भी उतना ही जरूरी था, जितना मेरे सपनों की उड़ान भरना। लेकिन इसके बाद भी अपना मकसद नहीं भूली क्योंकि मैं हमेशा से अपने देश की सेवा करना चाहती थी। अपनी इस सफलता से बेहद खुश हूं। यकीन ही नहीं होता की मैंने ये परीक्षा पास कर ली है।

 

 

 

सिरसा के सचिन गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे हैं, पूरे सिरसा में सचिन गुप्ता की इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है। सचिन गुप्ता ने पिछली बार 575वां रैंक हासिल किया था। सचिन गुप्ता ने अपनी पढाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी वहीं वो फोन से भी दूर रहे। सचिन के पिता सुदर्शन गुप्ता, माता सुषमा गुप्ता हैं।

 

 

 

 

 

 

 

नारनौल के कनीना खंड झगड़ौली गांव के प्रथम कौशिक ने पांचवा स्थान हासिल किया है, इनके पिता नरेंद्र कौशिक आबकारी एवं कराधान विभाग कैथल में कार्यरत हैं। प्रथम ने पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज से बीटेक की थी।

 

 

 

 

 

 

 

वहीं विक्रमादित्य मलिक ने भी 44वां रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, विक्रमादित्य हरियाणा में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह के बेटे हैं। विक्रमादित्य ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं और उनके पिता फिलहाल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

 

 

 

 

 

 

 

हरियाणा की आकृति बांसल ने 52वां रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

 

 

श्रेष्ठ तायल की 73वीं रैंक हासिल की है। वो पलवल के रहने वाले हैं। श्रेष्ठ समाजसेवी व आर्किटेक्ट नमिता तायल व चार्टेड एकाउंटेंट के पुत्र हैं।  श्रेष्ठ तायल ने कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 20वां स्थान प्राप्त किया था। इससे पहले भी श्रेष्ठ सीएम फाउंडेशन परीक्षा में नवीं रैंक प्राप्त कर चुके हैं।

 

 

 

 

 

 

रोहतक के विनोद दूहन 74वां रैंक पर रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पुष्पलता यादव ने 80वां रैंक हासिल की है, रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

वहीं हरियाणा की श्रुति अरोड़ा ने 118वां स्थान हासिल किया है। श्रुति अरोड़ा हरियाणा सरकार में एडिशनल चीफ सैकेट्री केशनी आनंद अरोड़ा की बेटी हैं।

 

 

 

 

 

 

 

हिसार के दिपांशु ने UPSC परीक्षा में 120वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है, सेक्टर-14 निवासी दिपांशु खुराना ने सिविल सर्विस की परीक्षा में 120वीं रैंक हासिल की है। दिपांशु आईएएस बनकर देेश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए काम करना चाहते हैं।  दिपांशु खुराना के पिता एसके खुराना केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र में प्रिंसिपल साइंटिस्ट हैं। दिपांशु की माता सुनीता देवी राजकीय कॉलेज नलवा में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

 

 

 

पानीपत की रितु ने 141वां  रैंक हासिल किया है। रितु कुरुक्षेत्र विश्वविधालय से एमएससी मैथ में गोल्ड मेडलिस्ट हैं, उनके पिता ताराचंद गांव भादड़ के सरपंच रह चुके हैं।

 

 

 

 

 

भिवानी के प्रहलादगढ़ के मनीष कुमार ने 231वां रैंक हासिल किया है। मनीष ने आईएएस बनकर प्रदेश और इलाके का नाम रोशन किया है, मनीष ने 8वीं तक की अपनी पढाई गांव के ही सरकारी स्कूल से की है।

वहीं भिवाानी के ही साहिल सांगवान ने 232वां रैंक हासिल किया है। साहिल की इस उपलब्धि पर पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

 

 

 

 

 

जींद के विवेक चहल ने 242वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है।

 

 

 

 

 

 

 

सुनील श्योराण ने 250 वीं रैंक प्राप्त की है। सुनील श्योराण रोहतक के रहने वाले हैं। सुनील श्योराण रोहतक की राम गोपालपुर कॉलोनी के रहने वाले हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वैभव जैन ने 263वीं रैंक हासिल की है, वैभव जैन चरखी दादरी के रहने वाले हैं।

 

 

 

 

 

 

 

अभिजीत यादव ने 653वीं रैंक हासिल की है। अभिजीत हाउसिंग बोर्ड हरियाणा के चीफ इंजिनियर विरेंद्र यादव के बेटे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

वहीं बहादुरगढ का सुधीर कुमार दूसरे प्रयास में आल इंडिया लेवल पर 42वां रैंक हासिल किया है।सुधीर बहादुरगढ के सेक्टर 6 में परिवार सहित रहता है। सुधीर ने बताया कि वो हर रोज 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करता था। सुधीर का कहना है लक्ष्य निर्धारण कर विषय का सही  अध्ययन करने से ही सफलता मिली है।

 

हिसार के मॉडल टाउन में रहने वाले अमित बेड़वाल ने UPSC में 224 वां रैंक हासिल किया है, उनके पिता उमेद बेड़वाल निजी अस्पताल में प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं। अमित बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थे। अमित बेड़वाल भिवानी जिले के दरियापुर गांव के रहने वाले हैं।

झज्जर के रमित यादव ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 820वां स्थान हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। रमित यादव गुरुग्राम में टीएम के पद पर कार्यरत हैं। रमित यादव झज्जर के खातीवास गांव के निवासी है।

इधर राजेश पूनिया ने 747वां रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

 

इस लिस्ट में हैदराबाद के अनुदीप दुरिशेट्टी ने टॉप किया है। जबकि दूसरे नंबर पर अनु कुमारी और तीसरे नंबर पर सचिन गुप्ता का नाम है।

कुल 990 उम्मीदवारों ने यह प्रतिष्ठित परीक्षा पास की है। शीर्ष 25 उम्मीदवारों में 18 पुरुष एवं सात महिलाएं हैं। परिणाम के अनुसार 476 सामान्य, 275 ओबीसी, 165 एससी और 74 एसटी अभ्यर्थी पास हुए है। सफल उम्मीदवारों में 29 दिव्यांग भी हैं। 132 अन्य उम्मीदवारों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

देखिये सूची>>>>

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अक्तूबर-नवंबर 2017 में आयोजित लिखित परीक्षा के नतीजे जनवरी में घोषित किए गए थे। इसके बाद फरवरी-अप्रैल 2018 में पर्सनैलिटी टेस्ट के लिए हुए इंटरव्यू के आधार पर परिणाम जारी किए गए हैं। आईएएस के लिए 180, आईएफएस के लिए 42 और आईपीएस के लिए 150 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनके अलावा केंद्रीय सेवाओं में ग्रुप-ए के लिए 565 और ग्रुप-बी के लिए 121 उम्मीदवारों का चयन हुआ है।

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