पांच राज्यों के चुनावी नतीजों का हरियाणा की राजनीति पर पड़ेगा असर- अनिल आर्य

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana

Chandigarh, 10 Dec, 2018

राजनीतिक विश्लेषक अनिल आर्य का कहना है कि पांचों राज्यों के लगभग सभी एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा हार रही है और कांग्रेस जीत रही है। अगर नतीजे भी एग्जिट पोल के अनुसार आए तो इनका प्रभाव लोकसभा चुनावों के साथ-साथ हरियाणा की राजनीति पर भी पड़ेगा। भाजपा की प्रादेशिक राजनीति को देखकर ऐसा लगता कि हरियाणा विधानसभा के चुनाव लोकसभा के साथ हो सकते हैं।

अगर तीन मुख्य राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ भाजपा के हाथ से गए, तो निश्चित तौर से हरियाणा में भी भाजपा कमजोर होगी। इस हालात में मुख्यमंत्री मनोहर लाल बिलकुल नहीं चाहेंगे कि विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ हों। भाजपा इन राज्यों में हार के बावजुद भी मोदी या लोकसभा में जीत को लेकर आश्वस्त नजर आती है और हरियाणा की राजनीति पर केन्द्र सरकार का भी प्रभाव रहता है।

युवा हरियाणा को अनिल आर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल मोदी सरकार का फायदा विधानसभा चुनाव में लेना चाहेंगे। कांग्रेस के संदर्भ में इन प्रदेशों की जीत संजीवनी की तरह होगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा करने वाले युवा नेताओं के लिए इन प्रदेशों की जीत लाटरी की तरह हो सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर राहुल का कद बढ़ेगा और वे राज्यों में अपनी टीम को महत्वपूर्ण पदों पर लेकर आएंगे। पार्टी में गुटबाजी कम होगी।

रणदीप सुरजेवाला, अशोक तंवर और दीपेन्द्र हुड्डा को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। भूपेन्द्र हूड्डा, सेलजा, करण दलाल और कैप्टन अजय सिंह को लोकसभा चुनाव लड़वाकर इनकी सेवाएं केन्द्र में ली जा सकती हैं। 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं की टिकट कटने से सबसे अधिक हुड्डा खेमा प्रभावित होगा। यानि नतीजों के हरियाणा कांग्रेस की राजनीति व उसके नेताओं पर असर पड़ेगा।

इन नतीजों का सबसे अधिक असर क्षेत्रिय पार्टी इनेलो पर हो सकता है। दिसम्बर में हुए सर्वे के अनुसार पार्टी बसपा गठबंधन, भाजपा सरकार के विरोध और राज्य कांग्रेस की गुटबंदी व कमजोर केन्द्रीय नेतृत्व के कारण सत्ता के करीब थी, लेकिन अब पार्टी विघटन का दंश झेल रही है। आम लोगों में अच्छी छवि के सांसद दुष्यंत चौटाला के नई पार्टी जननायक जनता पार्टी बनाने से पार्टी वर्कर दो फाड़ नजर आते हैं।

राजनीतिक विश्लेषक अनिल आर्य ने बताया हांलाकि पार्टी अभय सिंह के साथ खड़ी है, लेकिन अब पार्टी से फ्लो का वोट नहीं मिलता नजर आता। इनेलो के टूटने से व पांचो राज्यों के नतीजों से कांग्रेस पार्टी के मजबुत होने से सीधा नुकसान इनेलो को होता नजर आ रहा है। इस विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि इन पांच राज्यों के नतीजों का हरियाणा की भाजपा सरकार के नेतृत्व पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन पार्टी को आगामी चुनाव में नुकसान होगा और पार्टी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी।

कांग्रेस में अटकलों व गुटबंदी पर विराम लगेगा व युवाओं नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेंगी, वयोवृद्ध नेता खुड्डे लाइन यानि मार्गदंशन मंडल में जा सकते हैं। इनेलो को इन राज्यों में कांग्रेस जीत से नुकसान होगा और पार्टी को रणनीति बदलनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *