सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर हरियाणा में दिखा जोश, जगह-जगह शौर्य दिवस कार्यक्रम

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Yuva Haryana
Jhajjar, 29 Sept, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सर्जिकल स्ट्राइक दिवस को भारतीय सेना के शौर्य का पराक्रम पर्व बताते हुए कहा कि देश की सीमा पर मुस्तैदी  से तैनात भारतीय सेना की वीरता की बदौलत ही हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं तथा खुली हवा में सांस ले पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आज झज्जर में सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में देश के लिए विभिन्न लड़ाइयों में अपना पराक्रम दिखा चुके पूर्व सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने की।

मनोहर लाल ने देश की रक्षा, एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा ‘उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई, उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार है, आप और हम इसलिए खुशहाल हैं, क्योंकि सीमा पर सैनिक शहादत को तैयार है।’

हरियाणा को वीर शहीदों की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल  क्षेत्रफल का केवल 1.3 प्रतिशत और आबादी की लिहाज से महज दो प्रतिशत होने के बावजूद सेना में हमारी हिस्सेदारी 10 से 11 प्रतिशत है। हमारे बच्चों का जब शारीरिक, मानसिक व बौद्घिक विकास होता है तो उनके मन में सेना में जाने का भाव बलवति होता है, जो रोजगार के लिए नहीं बल्कि सीमा पर जाकर दुश्मन के दांत खट्टे करने तथा नाकों चने चबवाने का होता है। हमारी युवा पीढ़ी लगातार देश की सेना में हिस्सेदारी बढ़वाने की मांग करती रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को देश के प्रति जज्बाती बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेना का मनोबल लगातार बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक की बात करें तो आज भी दुश्मन अपनी हरकत करता है तो हर बात का तुरंत जवाब दिया जाता है। हाल में सीमा पर भारतीय सैनिक की नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारी सेनाएं दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पूर्व सैनिकों के करीब 19 लाख परिवार हैं। इन परिवारों के कल्याण व सम्मान के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्घ है। हरियाणा सरकार ने शहीदों के 225 आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, शहीदों की अनुग्रह राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सैनिक बोर्ड को अलग विभाग का दर्जा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी उनकी शहादत का हम सब पर कर्ज है। ऐसे में हमें देश की रक्षा में लगे सैनिकों व उनके परिवारों का मान-सम्मान बनाए रखने का कार्य करना चाहिए।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सर्जिकल स्ट्राइक दिवस को भारत के लिए यादगार दिन बताते हुए कहा कि वर्षों से हर भारतीय के मन में टीस थी कि उनकी सेना भी अमेरिका और इजरायल की तर्ज पर दुश्मनों का सफाया करे। भारतीय सेना ने दो बार पहले बर्मा और फिर नियंत्रण रेखा पर देश के दुश्मनों का संहार करते हुए उनके ठिकानों को नष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों की वन रैंक-वन पेंशन की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया है। उन्होंने बताया कि जिन सैनिकों का रक्त व पसीना देश की मिट्टी के लिए काम आया है, उनके स्मारक उनके गांव में ही सरकारी खर्च पर बनाए जाएंगे। शहीदों की परंपरा को पब्लिक डोमेन में लाने के लिए गांव के हर शहीद का नाम गांव के ग्राम गौरव पट्ट पर लिखवाया जा रहा है। हरियाणा के सभी गांवों में ऐसे ग्राम गौरव पट्ट लगाए जाएंगे।

सर्जिकल स्ट्राइक दिवस कार्यक्रम में परम एवं अति विशिष्ट सेवा मेडल व वीर चक्र के सम्मानित उपसेना प्रमुख रह चुके लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने प्रेरक वक्ता के तौर पर अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज ढाल व तलवार देश में बनने लगी है। भारतीय सेना के पराक्रम से दुनिया में देश की छवि बढ़ी है।

सर्जिकल स्ट्राइक दिवस कार्यक्रम एवं बीजेपी के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक कर्नल राजेंद्र सिंह सुहाग ने मुख्यमंत्री को सैनिक परिवारों की ओर से मुख्यमंत्री  को हैट पहनाकर शक्ति का प्रतीक तलवार भी भेंट की। इस अवसर पर भारतीय सेना से ब्रिगेडियर जेएस सान्याल के नेतृत्व में आई टुकड़ी ने विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया।

सर्जिकल स्ट्राइक दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री व अन्य विशिष्टजनों का पूर्व सैनिकों ने पगड़ी बांधकर अभिनंदन किया। उपायुक्त सोनल गोयल ने भी कार्यक्रम के आयोजन के लिए सैनिकों की धरती झज्जर का चयन करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शौर्य पुरस्कारों से सम्मानित ले. कर्नल राजकुमार निवासी गांव रायपुर, स्कवाडर्न लीडर शेर सिंह निवासी बेरी, सहायक कमांडेंट वजीर सिंह निवासी गांव उखलचना (कोट), ऑनरेरी कैप्टन जय सिंह निवासी आसंडा तथा सूबेदार जगबीर सिंह निवासी गांव सिलानी को शॉल ओढाकर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। सर्जिकल स्ट्राइक दिवस कार्यक्रम के दौरान सेना की वीरगाथा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रसारण भी किया गया।

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