हरियाणा में देसी की बोत्तल 10 रुपये महंगी, अंग्रेजी भी महंगी, सबका बिल कटेगा, पंचायतों को मिलेगा टैक्स में हिस्सा, हर बोतल पर लिखा होगा ‘हरियाणा सरकार’

Breaking बड़ी ख़बरें बिजनेस हरियाणा

हरियाणा में वर्ष 2018-19 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी में अब शराब की बिक्री के लिए बिल जारी करना सभी खुदरा लाइसेंसधारियों के लिए अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा 20% कोटे के अनुसार शराब के लिए अब कांच की बोतलों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएल पर एक्साइज ड्यूटी में 28 रुपये से 44 रुपये प्रति प्रूफ लीटर की वृद्धि हुई है और आईएमएफएल पर एक्साइज ड्यूटी 44रुपये से 200 रुपये प्रति पीएल में 49 रुपये से 210 रुपये प्रति प्रूफ लीटर तक की वृद्धि हुई है।
देशी शराब के एमआरपी 130 रूपये से बढ़ाकर 140 रूपये प्रति बोतल किया गया है।
इसके अलावा पर्यावरण की दृष्टि से भी एक सुधार किया गया है जिसके तहत 20% कोटे के अनुसार शराब के लिए अब कांच की बोतलों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। कांच की बोतलों पर हरियाणा सरकार भी लिखा होगा जिससे टैक्स चोरी में भी कमी आएगी।

बैंक्वेट हॉल में शादी या पार्टी समारोह में लेने वाला L-12 लाइसेंस अब कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही जो बैंक्वेट हॉल पंजीकृत हैं उनमें होनी वाले कार्यक्रमों में के लिए लाइसेंस फीस सामान्य होगी परंतु अपंजीकृत बैंक्वेट हॉल में कार्यक्रमों के लिए लाइसेंस लेने के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पढ़ेगी।
शराब की बिक्री में 3, 4 और 7 रुपये का शेयर पंचायती राज संस्थाओं के लिए रखा गया है। जिसका आवंटन पंचायती राज संस्थाओं के लिए 70 प्रतिशत, पंचायत समिति के लिए 20 प्रतिशत और जिला परिषद के लिए 10 प्रतिशत के अनुसार किया जाएगा।

देशी शराब (सीएल) और भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) का बुनियादी कोटा 1000 लाख पीएल और 600 लाख पीओएल पर तय किया गया है। खुदरा दुकानों की संख्या (सीएल / आईएमएफएल) लगभग पिछले साल जैसी ही रहेगी।
आवंटन के उद्देश्य के लिए जोन नीति को ही आगे बढ़ाएंगे जिसमें 6 रिटेल आउटलेट्स होंगे। उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी में लाइसेंसधारी को अपने सीएल कोटा के अधिकतम 10% को आईएमएफएल कोटा में बदलने की अनुमति दी गई है। क्षेत्र का आवंटन ई-टें‌डरिंग द्वारा किया जाएगा।
रेस्तरां और तीन स्टार रेटिंग्स और इसके बाद के होटल के लिए दिये जाने वाले एल -4 और एल -5 के रूप में बार लाइसेंस के वार्षिक शुल्क में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
गोल्फ़ क्लबों और अन्य श्रेणियों के लिए बार लाइसेंस प्रदान करने के संबंध में स्थिति सुविधाजनक बनाया है ताकि उन्हें राज्य में कहीं भी खोलने की अनुमति मिल सके। जापानी कंपनी के अनुरोध पर आईएमटी मानेसर में पब लाइसेंसों को अनुमति दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *