एक पुलिसवाला जो गरीब व जरूरतमंदों तक पहुंचाता है पुराने कपड़े, बांटता है खुशियां

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana,

Kaithal, 17 Jan,2019

आमतौर पर पुलिसवालों के नकारात्मक किस्से ही सुनने को मिलते हैं। लेकिन एक पुलिसवाला ऐसा भी जो इतना सामाजिक है कि अपना सारा काम छोड़कर गरीबों व जरूरतमंदों की मदद करता है। इस ठिठुरती सर्दी में वह स्कूल-स्कूल जाकर कपड़े इकट्ठे कर उनको जरूरतमंदों को बांटने का काम करता है।

कहानी हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी करने वाले एक किसान के बेटे सुनील संधू की है। गरीबी में ठिठुरते बचपन को देख सुनील ऐसे भावुक हुए कि जरूरतमंदों को वस्त्र बांटना ही लक्ष्य बना लिया।

सुनील किसान परिवार से हैं और हरियाणा पुलिस में  कांस्टेबल की नौकरी करते हैं। इसलिए सभी जरूरतमंदों को अपने खर्च पर नए कपड़े खरीदकर देना तो संभव नहीं था, इसलिए जो लोग सहायता करने के इच्छुक थे उनसे वस्त्र जमा करके जरूरतमंदों को बांटने का फैसला किया। इसी के चलते सुनील ने तीन साल में 3500 से ज्यादा जरूरमंद बच्चों व बड़ों को झुग्गी झोपड़ियों व कुष्ठ आश्रमों में जाकर वस्त्र दान कर चुके हैं।

सुनील ने अपनी इस मुहिम में सोशल मीडिया का भी सहारा लेते हुए सोशल मीडिया पर संदेश डाला कि किसी के घर पर ऐसे साफ सुथरे कपड़े या जूते चप्पल हों, जिन्हें वे जरूरतमंदों को देना चाहते हैं तो उनसे संपर्क करें। स्कूलों में जाकर स्टाफ के माध्यम से बच्चों को प्रेरित किया कि छोटे हो चुके कपड़ों को जरूरमंद बच्चों के लिए दान दें। इससे इतने कपड़े जमा हो गए कि ट्रैक्टर-ट्राली व जिप्सी भरकर जरूरतमंदों को बांटते हैं।

सुनील ने बताया कि उन्हें इस काम में प्रदेशभर से सहयोग मिल रहा है। कैथल के अलावा हिसार व अन्य कई जिलों से कपड़े जमा कर जरूरमंदों को बांटते हैं। छुट्टी के दिन कम से कम पांच स्कूलों में जाकर बच्चों व स्टाफ को प्रेरित करते हैं।

इस काम में परिवार व दोस्तों के अलावा समाजसेवी व्यक्तियों का भी सहयोग मिल रहा है। वेतन से कुछ रुपए बचाकर नए कपड़े खरीदकर भी जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। जिसका सिर्फ एक ही लक्ष्य है कि कोई बिना कपड़े या जूतों के ठंड में न ठिठुरे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *