रेवाड़ी के केएलपी कॉलेज में एक हफ्ते से प्राध्यापक बैठे हैं धरने पर, मैनेजमेंट और प्रशासन ने साधी चुप्पी

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Ajay Atri, Yuva Haryana

Rewari, 9 Oct, 2018

प्रदेश की खट्टर सरकार भले ही शिक्षा का स्तर सुधारने का दम भरते नहीं थक रही हो, लेकिन जब गुरु और शिष्य दोनों ही सड़क पर आ जाए और कुछ प्रभावशाली लोग अपनी हठधर्मिता पर अड़ जाएं, तो फिर नौनिहालों का भविष्य खतरे में होना लाजमी है।

जी हां, दरअसल हम बात कर रहे हैं रेवाड़ी के केएलपी कॉलेज की, जहां प्रिंसिपल की कुर्सी को लेकर पिछले एक हफ्ते से लगातार घमासान मचा हुआ है। कॉलेज के प्राध्यापक जहां इस नियुक्ति को गलत ठहरा रहे हैं और इसके विरोध में पिछले एक सप्ताह से लगातार धरने पर बैठे हैं। वहीं कॉलेज के कुछ छात्र भी अब इन प्राध्यापकों के समर्थन में आ खड़े हुए हैं।

प्राध्यापकों का साफ तौर पर कहना है कि कॉलेज मैनेजमेंट की तरफ से की गई प्रिंसिपल की यह नियुक्ति सरासर गलत है। नियुक्ति करते वक्त योग्यता को पूरी तरह दरकिनार रखा गया है, जिसे वह किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और जब तक नवनियुक्त प्रिंसिपल की जगह योग्य प्राध्यापक की इस कुर्सी पर नियुक्ति नहीं कर दी जाती, वे अपना धरना इसी तरह जारी रखेंगे।

वहीं कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे छात्र भी प्राध्यापकों के आरोपों का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि मैनेजमेंट हर मामले में मनमानी कर रही है, जिसके चलते आज उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं उनका कहना है कि कॉलेज में हुए करोड़ों रुपए के घोटालों की जांच अभी प्रशासनिक अधिकारियों के पास विचाराधीन है। उनकी मांग है कि मैनेजमेंट के दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए और योग्य प्राध्यापक की प्रिंसिपल के पद पर नियुक्ति की जाए।

मगर इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि प्राध्यापकों के धरने को आज एक सप्ताह बीतने के बावजूद प्रशासन व सरकार की तरफ से किसी प्रतिनिधि ने आकर उनसे पूछने तक की कोशिश नहीं की है। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि सरकार को इन नौनिहालों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं रह गया है।

मगर कुछ भी हो, अब चाहे प्रशासन हो या फिर मैनेजमेंट, हर किसी ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

 

 

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