“अपना घर” मामले में हुए दरिंदगी की हदें पार करने वाले ऐसे खुलासे, जिसे सुनकर आपकी रूह भी कांप उठेगी

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Suman Kashyap, Yuva Haryana
Haryana, 30-04-2018

‘अपना घर’मामले में दरिंदगी की शिकार हुई मासूम बच्चियों ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिसे सुनकर आपकी रूह भी कांप उठेगी। जी हां, अपना घर मामला रोहतक का एक बहुचर्चित मामला है, जहां लड़कियों के साथ बेरहमी से मारपीट और यौन शोषण किया जाता था।

अब धीरे- धीरे ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। बता दें कि रोहतक के अनाथालय अपना घर में मारपीट, यौन उत्पीड़न सहित कई मामलों की शिकायत करने मिलने पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण की टीम ने छापेमारी की थी।

दरिंदगी का शिकार हुई इन लड़कियों ने यौन शोषण, गर्भपात करवाए जाने, मार-पीट करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद 100 युवतियों और बच्चों को उस नर्क से आजाद किया गया।

इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कारवाई शुरू कर दी गई थी। राष्ट्रीय बाल संरक्षण की ओर से एक रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है, जिसमें जसवंती के एक-एक अत्याचार का खुलासा हुआ है।

अब आपको बताते हैं,जसवंती के अत्याचारो की। 18 साल की डरी-सहमी मासूम ने बताया कि 6 पहले वह अपनी बहन के साथ घूमनेे के लिए मुंबई गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश बहन उससे बिछड़ गई। इसके बाद वह जसवंती से मिली, मासूमियत का फायदा उठाकर जसवंती ने उससे भीख मंगवाने पर मजबूर कर दिया।

वहीं,17 साल की लड़की ने बताया कि उसे जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था, मना करने पर बेरहम जलवंती ने उसे काट डाला। 12 साल के बाद उस नर्क से आजाद होने पर एक मासूम ने अपनी दास्तां सुनाते हुए कहा कि मां का साया सर से उठ जाने के बाद वह अपना घर पहुंची।

यहां उससे जबरदस्ती सफाई करवाई जाती थी, और न करने पर मारपीट की जाती है। अपना घर में 4 लड़कियां एड्स से पीड़ित थी, डॉक्टर्स की सुविधाएं भी न के बराबर थी। इतना ही नहीं मासूम बच्चियों के साथ जसवंती का दमाद रोज उनका यौन शोषण करता था, रात को बेसहारा लड़कियों के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं होता था, उन्हें नग्म अवस्था में रखा जाता था।

हैवानियत इस कदर बढ़ गई थी कि, लड़कियों के गुप्तांगों में बेलन डाला डाला जाता था। नवजात शिशुओ को उनकी मां से अलग कर दिया जाता था, मां से अपने शिशुओं से मिलने के लिए तड़पाया जाता था। घर से बाहर निकलना तो दूर की बात, लेकिन उन्हें भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था। अब शर्म की बात तो यह है कि हैवान जसवंती एक तरफ जहां लड़कियों के शोषण की सारी हदें पार कर चुकी थी, वहीं सरकार उसे नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित करने में लगी हुई।

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