चीनी मिलों में खाली पड़ी जगहों पर इंडस्ट्री लगवाएगी, मिलों को घाटे से उबारने का सरकार का फार्मूला

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हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों की खाली पड़ी जमीनों पर छोटे-बड़े उद्योग स्थापित किए जाएगे ताकि चीनी मिलों की आय में बढ़ोतरी हो सके। चीनी मिलों की गन्ना पिराई की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। इन सब कामों पर पहले चरण में 1100 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। 
सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा है कि हरियाणा प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि गन्ना उत्पादक किसानों के गन्ने का पूरा भुगतान हुआ है। अब तक किसानों द्वारा चीनी मिल में डाले गए गन्ने का 75 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। शेष बची 395 करोड़ रुपए की राशि का भी जल्द भुगतान करवा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के दुग्ध प्लांटों से हर मामले में आगे निकलने के लिए प्रदेश के वीटा मिल्क प्लांटों के आधुनिकीकरण पर 50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इन प्लांटों में वे सभी मशीने उपलब्ध करवाई जाएगी जो अति नवीन तकनीक पर आधारित है। जींद के वीटा मिल्क प्लांट के 9 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से आधुनिकीकरण किया जाएगा। 
मनीष ग्रोवर ने आज जींद में नए दही संयंत्र के उदघाटन किया, जिसके निर्माण कार्य पर 2 करोड़ 14 लाख रुपए की राशि खर्च हुई है। इस संयंत्र में प्रतिदिन पांच हजार लीटर दूध से दही बनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के दुग्ध प्लांटों से हर मामले में आगे निकलने के लिए प्रदेश के वीटा मिल्क प्लांटों के आधुनिकीकरण पर 50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इन प्लांटों में वे सभी मशीने उपलब्ध करवाई जाएगी जो अति नवीन तकनीक पर आधारित है। जींद के वीटा मिल्क प्लांट के 9 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से आधुनिकीकरण किया जाएगा। 
मनीष ग्रोवर ने आज जींद में नए दही संयंत्र के उदघाटन किया, जिसके निर्माण कार्य पर 2 करोड़ 14 लाख रुपए की राशि खर्च हुई है। इस संयंत्र में प्रतिदिन पांच हजार लीटर दूध से दही बनाई जा सकती है।

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