लोगों की दिक्कत दूर होने से जो उनके चेहरे पर मुस्कान आती है, मैं उसके लिए आई हूं राजनीति में -सुनीता दुग्गल

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2014 में लोकसभा चुनाव के वक्त अचानक IRS की अच्छी खासी सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आई सुनीता दुग्गल अब अपनी विशेष पहचान बना चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मीडिया में तर्कशील बहस करनी हो या सिरसा लोकसभा क्षेत्र में जनसंपर्क, सुनीता दुग्गल जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ती नज़र आती हैं। उन्होंने 2014 में रतिया से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा और बहुत कम वोटों (453) से जीत से चूक गई।

फिलहाल रतिया विधानसभा क्षेत्र और आसपास वक्त लगा रही सुनीता दुग्गल से Yuva Haryana ने विशेष बातचीत की और उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे मेंं जाना।

सवालः नौकरी छोड़कर राजनीति में आए लेकिन आपको मनचाही सीट नहीं मिली, इस बार आपको क्या लगता है आपको आपकी मनपंसद सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा ?

जबावः देखिये बीजेपी मार्टी में कोई मनपंसद नहीं होता, संगठन जिम्मेदारी लगाती है, संगठन के हिसाब से यहां पर जिम्मेदारी लगाई गई है, जिसे हम इमानदारी से कर रहे हैं।

सवालः पिछली बार आपने पटौदी विधानसभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी चुनाव प्रचार भी किया था, इस बार क्या सोचते हैं, आपको अपनी पसंदीदा विधानसभा सीट मिलेगी।
जबावः देखिये गुड़गांव में मेरा पर्मानेट रेजीडेंस है, और पटौदी की सीट वहां पर पास में रिजर्व थी, इसलिए मेरी इच्छा थी कि मैं अपने घर के पास से चुनाव लड़ूं और लोगों की सेवा के लिए हर वक्त तैयार रहूं, लेकिन पार्टी को रतिया की सीट अच्छी लगी इसलिए मुझे रतिया भेज दिया गया। अब पार्टी संगठन जो भी निर्धारित करेगा वो हमारे सर माथे पर है।
सवालः आप लगातार सिरसा जिले में पिछले काफी समय से एक्टिव हैं, सिरसा में आप ज्यादा नजर आती है, क्या वजह है ऐसी ?
जबावः सिरसा के लोग मुझे ज्यादा चाहते हैं, तो मुझे कार्यक्रमों में मुख्यतिथि, मुख्यवक्ता के तौर पर बुलाया जाता है, तो मैं भी हमेशा तैयार मिलती हूं।
सवालः आपकी टिकट सिरसा से पक्की मानी जाए ?
जबावः देखिये पार्टी ने मेरी जहां जिम्मेदारी लगाई है वहां पर मैं निष्ठा के साथ काम कर रही हूं, बीजेपी पार्टी में कोई मनपंसद सीट नहीं होती, जहां पार्टी जिम्मेदारी लगाती है, वहीं पर सेवा भावना से लग जाते हैं।
सवालः आपकी सभाओं में भावी सांसद के नारे भी लगते हैं, कैसे देखती हैं इसे ?
जबावः देखिये हर जगह आपके वैल विशर होते हैं, जो आपके साथ जुड़े रहते हैं, उनके मन की भावनाएं होती है, तो हम को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं। वो अपनी एक तरह से मंशा व्यक्त करते हैं, तो वो उनकी खुशी है।
सवालः सिरसा और फतेहाबाद में डेरा समर्थकों का एक बड़ा वोट बैंक है, और यह वोट बैंक कहीं ना कहीं बीजेपी से नाराज है, तो आप इन वोटरों को कैसे मना पाओगी ?
जबावः देखिये किसी भी इंसान की आस्था एक अलग विषय है, लेकिन राजनीति में वो किसको वोट देना चाहता है वो एक अलग बात है। मुझे लगता है कि आस्था अपनी जगह है और वोट किसको देना है, किसको नहीं देना है वो एक अलग विषय है। इसलिए मुझे लगता है कि अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को ही जिताएंगे।
सवालः सिरसा इनेलो का गढ़ है, यहां पर पिछली बार इनेलो और कई बार कांग्रेस के सांसद बनते आए हैं, तो आपको इस बात का डर नहीं है कहीं चुनाव हार ना जाएं ?
जबावः देखिये इसमें कोई दो राय नहीं कि 9 में से 8 विधानसभा सीटें आईएनएलडी के पास है, लेकिन लोगों ने अब देख लिया है, हमारी सरकार ने साढे तीन सालों में हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस बात को नजरअंदाज करते हुए कि हमारा वहां से विधायक है या नहीं है, बिना भेदभाव के 90 विधानसभाओं में काम किया है। और करोड़ों रुपये लगाया है। इसे मुझे लगता है कि लोगों के अंदर अब ये भावना है कि ये सरकार किसी पर्टिकुलर एरिया, व्यक्ति पर्टिकुलर या परिवार पर्टिकुलर की नहीं है बल्कि जनता की सरकार है। इसलिए मुझे लगता है कि अब सिरसा लोकसभा भी और सिरसा लोकसभा की सभी विधानसभा सीटें भी भारतीय जनता पार्टी की झोली में जाने वाली है।
सवालः सिरसा में बीजेपी के नेताओं में भी गुटबाजी है, नगर परिषद को लेकर भी दोफाड़ हो चुके हैं, जगदीश चोपड़ा अपनी अलग राह पर हैं, गणेशीलाल जी को भी राज्यपाल बनाकर उड़ीसा भेजा गया है. ऐसे में क्या लगता है यह सीट कांटो भरी नहीं हो सकती है ?
जबावः देखिये हमारे बहुत ही वरिष्ठ नेता गणेशीलाल को बहुत बड़ा ओहदा दिया गया है। यहां के लोगों में उनको इतना बड़ा ओहदा दिया है, तो इस चीज का बहुत ज्यादा असर सिरसा में होगा।
सवालः आपके पीए पर नौकरी के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला भी सामने आया था फतेहाबाद से।
जबावः देखिये हमारी सरकार में बिल्कुल पारदर्शी सिस्टम है। पहले ऐसे होता था कि लीडर आपकी नौकरी की गारंटी दे देते थे, लेकिन इस सरकार में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे सिस्टम में अगर कोई किसी का फायदा उठाकर कुछ करता है तो वो अपनी करनी का खुद जिम्मेदार है। मैं सभी को कहती हूं कि मेरे नाम से कोई भी कुछ गलत करे तो आप उसे सावधान रहे। और मुझे इन्फोर्म करें ताकि में पूरी जांच करवाकर सख्त से सख्त सजा दिलवा सकू।
सवालः आप सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आई, 3-4 साल राजनीति में बिताए है, कैसा अनुभव रहा ?
जबावः देखिये हर इंसान कहीं भी किसी भी फिल्ड में जाता है तो कुछ ऐम लेकर जाता है, मैंने जब राजनीति ज्वाइन की थी तो मेरा एक ही उदेश्य था कि मैं जो गरीब लोग है, वंचित लोग हैं, जो शोषित लोग है उनके लिए कुछ कर पाऊं उनकी समस्याओं को सुनूं और उनका समाधान करने की कोशिश करुं। मुझे इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। क्योंकि लोग मेरे तक आने में खुद को कम्फर्टेबल फील करते हैं, मेरे तक आने में, मेरे से अपनी समस्या शेयर करने में । उनकी जब समस्या का हल होने पर जो उनके चेहरे पर मुस्कान होती है, उसी से मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है।
सवालः आप अनुसूचित जाति वित्त आयोग की चेयरमैन है, क्या लगता है आपके साथ अनुसूचित वर्ग के लोग जुड़े हैं।
जबावः देखिये रतिया से मैंने चुनाव लड़ा और बहुत ही कम समय में लोगों ने बहुत ही जबरदस्त 50 हजार से ज्यादा वोट दिये, और लोगों का जबरदस्त जुड़ाव मेरे से हैं। मैंने जनता के लिए अनेकों काम करवाएं है और करवाए भी जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी जब यहां पर आए थे तो उनको हमने पेंडिग कामों की लिस्ट भी दी थी। इनमें राघोपुर माइनर, रुकमावाली माइनर, दो पावर हाउसों का उद्घाटन, नागपुर का ब्लॉक बनवाया, कई स्कूल अपग्रेड करवाए हैं। हांसपुर में पानी का संकट था उस समस्या का दूर करवाया है। लोग मेरे कामों से बहुत खुश है और मुझे भी लगता है कि राजनीति के जरिये मुझे भी जनसेवा का अच्छा मौका मिला है। यह जनसेवा का एक अच्छा माध्यम है, इससे लोग भी खुश हैं और मैं भी खुश हूं।
सवालः आप चुनाव मैदान में आने की तैयारी कर रही है, बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है, तो युवाओं के रोजगार को लेकर आपका क्या रोडमैप है ?
जबावः देखिये हमारी सरकार ने सक्षम युवा योजना एक अलग तरह की योजना लेकर आई है, इस योजना में सभी को रोजगार के अवसर है, इसमें काम करते हैं और उनको भत्ता मिलता है, दूसरा स्किल डेवलपमेंट के जरिये युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए और विभिन्न विभागों में उनको रोजगार के अवसर मिले। वहीं कंपनियों के जरिये हम युवाओं को बेहतर रोजगार देने की कोशिश कर रहे हैं।