कोर्ट ने सुनाया खाप पंचायतो पर सुप्रीम फैसला, 2 वयस्क अपनी मर्जी से शादी कर सकते है

Breaking युवा राजनीति हरियाणा

Yuva Haryana

Delhi (27 March 2018)

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दो वयस्कों की शादी पर खाप पंचायतों के किसी भी दखल को गैरकानूनी करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला एक NGO शक्ति वाहिनी की याचिका पर सुनाया है। NGO ने ऑनर किलिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 2010 में याचिका दायर की थी। इससे पहले मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वहीं खाप पंचायत की याचिका पर तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही थी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण भी शामिल थे। बेंच ने कहा कि दो अलग समुदायों से आने वाले वयस्क अपनी मर्जी से शादी करते हैं तो उनके किसी भी रिश्तेदार को या तीसरे शख्स को न तो उन्हें धमकाने का या फिर उन पर हिंसा करने का अधिकार होगा।

बेंच ने खाप पंचायतों के फैसलों को अवैध करार देते हुए कहा है कि ऑनर किलिंग पर लॉ कमीशन की सिफारिशों पर विचार हो रहा है। जब तक नए कानून नहीं बन जाता तब तक मौजूदा आधार पर ही कार्रवाई होगी।

अभी तक ऑनर किलिंग के मामलों में आईपीसी की धारा के तहत ही कार्रवाई होती है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने भी कोर्ट को बताया कि गैर-जातीय विवाह की स्थिति में राज्य सरकारों को चाहिए कि वे शादीशुदा जोड़े को सुरक्षा दें। अगर जोड़े को धमकी दी जाती है तो उन्हें मैरिज अफसरों से इस बात की शिकायत करनी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा था कि खाप पंचायतें समाज के पहरेदार की तरह काम न करें। दो वयस्कों की शादी कानून द्वारा तय होती है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *