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सूरजकुंड मेले का रंगारंग आगाज, देखे मेले की झलकियां

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Yuva Haryana

faridabad, 1, feb, 2019

सूरजकुंड नाम सुनते ही हमारे सामने उस प्रसिद्द मेले का रंगीन सा दृश्य उभर आता है, जो पूरे भारत को एक साथ आपके सामने प्रस्तुत करता है। मेले में भारत के विभिन्न क्षेत्रों की विशेष और परिचयात्मक वस्तुएं एक ही स्थान पर एकट्ठी होती हैं। देश भर के कारीगर इस मेले में अपनी हस्तकलाओं की वस्तुएं लेकर आते हैं।

33वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुबह 11 बजे किया। जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और महाराष्ट्र के पर्यटन व रोजगार मंत्री जयकुमार रावल, हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल, थाईलैंड के राजदूत चुटीन टार्न गांटा साकदी भी शामिल थे।

सूरजकुंड मेला थीम राज्य महाराष्ट्र और मेजबान राज्य हरियाणा के माटी व खून के रिश्ते को उस समय और अधिक मजबूत कर गया जब पानीपत की तीसरी लड़ाई के मराठा वीरों की याद में हरियाणा सरकार द्वारा पानीपत काला आंब में बनाए जा रहे युद्ध स्मारक के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडऩवीस ने तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा की। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पानीपत में जीटी रोड पर चार एकड़ में मराठों की वीरता का इतिहास लाईट एंड साउंड के माध्यम से दर्शाने के लिए एक विशेष स्मारक विकसित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य दोनों प्रदेशों को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से और अधिक नजदीक लाना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानीपत के आठ एकड़ में स्थित काला आंब मराठा युद्ध स्मारक स्थल का विस्तार  कर अब 20 एकड़ में करने की घोषणा भी की।

बता दें कि मेला 1 फरवरी से 17 फरवरी तक सुबह 10:30 से लेकर रात को 10.30 तक खुला रहेगा। जिसकी टिकट ऑनलाइन बुक की जा सकती हैं। अरावली की वादियों में लगा यह मेला इस बार पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र मुख्य चौपाल के सामने पहाड़ी के टीले पर बना रायगढ़ का किला होगा। वहीं युवाओं को लुभाने के लिए सेल्फी पॉइंट भी तैयार किया गया है।

मेले में इस बार की थीम स्टेट महाराष्ट्र है। साथ ही पार्टनर कंट्री के रूप में थाईलैंड अपनी कला संस्कृति को मेले में पेश करेगा। मेला परिसर को मराठा लोक संस्कृति से सजाया गया है। महाराष्ट्र के ऐतिहासिक दर्शनीय पर्यटन स्थल, महाराष्ट्र के अपना घर में लोक संस्कृति और खानपान भी दिखाई देगा।

 

जाने तारीख और कार्यक्रम

1 फरवरी – महाराष्ट्र के कलाकारों का फोक डांस
2 फरवरी- बॉलिवुड सिंगर अकांक्षा की प्रस्तुति
3 फरवरी- हरियाणवी कल्चरल प्रोग्राम और फैशन शो
4 फरवरी- थाईलैंड के कलाकारों की प्रस्तुति
5 फरवरी- राजस्थान के कलाकारों की प्रस्तुति
6 फरवरी- श्रीलंका के कलाकारों की प्रस्तुति
7 फरवरी- महाराष्ट्र के कलाकारों की प्रस्तुति
8 फरवरी- भोजपुरी सिंगर मालिनी अवस्थी की परफॉर्मेँस
9 फरवरी- राष्ट्रीय कवियों द्वारा कवि सम्मेलन
10 फरवरी- अन्नू सिन्हा का क्लासिकल डांस
11 फरवरी- वाऊ फोकर वुमनिया की प्रस्तुति व कव्वाली
12 फरवरी- सारेगामापा फेम सिंगर डॉ. राजू कालिया की प्रस्तुति
13 फरवरी- पंजाबी कलाकारों का सूफी सॉन्ग
14 फरवरी- पेड्डी बॉयज बैंड की प्रस्तुति
15 फरवरी- इंटरनैशनल कलाकारों की प्रस्तुति
16 फरवरी- क्लासिकल वोकल की प्रस्तुति सुभाष घोष के साथ

वर्ष 1987 में शुरू हुआ यह मेला हर वर्ष मनाया जाता है। यह हस्तशिल्प मेला हस्तशिल्पियों की कला व उत्पाद को सीधा दर्शकों को प्रदर्शित करने में काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।

हरियाणा पयर्टन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि सूरजकुंड मेले की प्रसिद्ध विदेशों मे बढ़ती जा रही है। साथ ही यह हस्तशिल्प परंपरा को भी यह जीवित बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि इस मेला मैदान 40 एकड़ भूमि में फैला हुआ है, जहां शिल्पकारों के लिए एक हजार से ज्यादा स्टाल लगाए गए है। इनमें महाराष्ट्र, हरियाणा और अन्य राज्यों के भोजन भी प्रस्तुत होंगे।

 

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