सूरजकुंड मेले में आए और गोहाना का जलेब नहीं खाया तो क्या खाया ?

चर्चा में हरियाणा विशेष

हरियाणा के गोहाना का जलेब प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश और विदेशों तक अपनी पहचान बनाए हुए है। ये जलेब का स्टॉल जहां कहीं लगता है अपनी एक छाप जरूर छोड़ता है। इस बार ये जलेब अपना रंग सूरजकुंड मेले में बिखेर रहा है। मेले में आने वाले लोगों को फूड कॉर्नर पर मिल रहे गोहाना का जलेब खूब पसंद आ रहा है

इस जलेब की खास बात यह है कि यह एक अकेला 250 ग्राम का है। जिसे शुद्ध देशी घी से बनाया जाता है। जिसमे मावा भी मिला होता है। जयपुर दिल्ली, यूपी एमपी आए लोग कहते है कि जो टेस्ट जलेब का उन्हें सूरजकुंड में मिलता है वह कहीं नही मिलता है।

मेले में आए लोगों की टैगलाइन भी यह है कि “सूरकूंड मेले में आए और गोहाना का जलेब नहीं खाया तो क्या खाया”

मेले में जलेब की कीमत 90 रुपए है। इसके अलावा 50 रुपए का एक कड़ाही दूध भी मिलता है। मेले में देसी ही नहीं विदेशी टूरिस्ट को यह काफी पसंद आ रहा है। वे इसे खाने के साथ ही पैक कराकर घर भी ले जा रहे है।

इसकी इतनी डिमांड है कि मेले में आने वाले वीआईपी के लिए भी गोहाना की यह स्पेशल डिश परोसी जा रही है। वाकई में गोहाना का यह जलेब वर्ल्ड फेमस हो गया है।

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