कैल्शियम की कमी के लक्षण और इसे दूर करने के उपाय

सेहत

जैसे- जैसे व्यक्ति की उम्र बढती है, वैसे ही उसकी काम करने की क्षमता कम हो जाती है और शरीर भी कमजोर होने लगता है। साथ ही डाइजेशन सिस्टम भी कमजोर होने लग जाता है। कैल्शियम की कमी किसी भी उम्र में हो सकती है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने का खतरा एक आम बात है। आइए जाने कैल्शियम की कमी के कुछ कारण और उनसे निजात के उपाय:

कैल्शियम की कमी होने के कारण

· कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा भोजन में कैल्शियम युक्त भोजन न लेने से होती है|

· अधिक दिनों तक सूरज की रौशनी को न लेने से|

· विटामिन C की कमी से|

· ड्रिकिंग सोडा का सेवन करने से|

· अधिक कैफीन का सेवन करने से|

· सोडियम युक्त पदार्थो का अधिक सेवन करने से|

कैल्शियम की कमी होने के लक्षण

· आपकी हड्डियों का कमजोर होना उठते बैठते समय दर्द का होना|

· मांसपेशियों में अकड़न और दर्द होना|

· बहुत जल्द ही थकान होना|

· कमजोर दांत, कमजोर नाखून, झुकी हुई कमर, बालों का टूटना या झड़ना कैल्शियम की कमी के लक्षण है|

· नींद ना आना, डर लगना और दिमागी टेंशन रहना कैल्शिीयम की कमी से ही होता है|

· शरीर का सुन्न हो जाना हाथ पैरो में झुनझुनी आना|

· याददाश्त कमजोर होना और अधिक डिप्रेशन में रहना|

कैल्शियम की कमी को दूर करने के उपाय

-अदरक की चाय:- एक बर्तन में डेढ़ कप पानी ले और उसमे एक इंच अदरक का टुकड़ा पीस कर डालें और उसे उबालें जब पानी एक कप रह जाए तो उसे चाय की तरह पियें इससे आपके शारीर में कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी|

-जीरे का पानी:- एक बर्तन में दो गिलास पानी लें, फिर उसमे जीरा डालें और भीगो कर रखें। सुबह उस पानी को उबालें. जब पानी आधा रह जाये तो पानी को छान कर पियें। ये आपके शारीर के लिए काफी गुणकारी रहेगा।

-तिल का सेवन:- रोजाना 2 चम्मच भुने हुए तिल का सेवन करें। आप चाहे तो स्वाद बदलने के लिए तिल की चिक्की और लडडू भी खा सकते हैं|

-रागी का सेवन:- हफ्ते में कम से कम दो बार रागी से बनी इडली, दलिया या चीला खाएं इससे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलेगा और आप जल्द ही कैल्शियम की कमी से निजत पा लेंगे|

-विटामिन डी युक्त पदार्थो को भोजन में शामिल करें:- विटामिन डी वैसे तो सूरज की रोशनी से भी प्राप्त हो जाता है। लेकिन भोजन में भी कुछ ऐसे पदार्थो को भी शामिल करना चाहिए, जिससे आपको विटामिन डी मिले जैसे:- वसायुक्त मछली, दूध, अनाज, पनीर, अंडा, मक्खन आदि|

-मैग्नीशियम युक्त पदार्थो का सेवन:- कैल्शियम की तरह हमारे शरीर को मैग्नीशियम की भी जरुरत होती है। इसलिए हमें भोजन में ऐसे पदार्थो को भी लेना चाहिए, जिनसे हमें मैग्नीशियम की कमी पूरी हो। जैसे: पालक, शलगम, सरसों, ब्रोकोली, ऐवोकैड़ो, खीरा, हरी सेम, साबुत अनाज, कददू के बीज, तिल के बीज, बादाम और काजू आदि|

-भोजन में कौन सी सब्जियां शामिल करनी चाहिए:- टमाटर, ककड़ी, मूली, मेथी, करेला, चुकन्दर, हरी पत्तेदार सब्जियां, अरबी के पत्ते, पालक आदि।

-पपीता का सेवन:- पपीते में काफी विटामिन सी होता है। रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन सी की कमी होती है, उनमें जोड़ो का दर्द आम बात है। इसलिए उन्हें नियमित रूप से पपीते का सेवन करना चाहिए, इससे कैल्शियम की कमी दूर की जा सकती है।

-ग्रीन-टी का सेवन:- ग्रीन टी के सेवन से जोड़ों के कार्टिलेज को क्षतिग्रस्त होने से रोका जा सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिससे फ्री रैडिकल्स हड्डियों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते। रोजाना एक कप ग्रीन टी आपको जोड़ों के दर्द से बचा सकता है।|

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