हरियाणा का एक गांव ऐसा भी.. जहां पिछले 160 सालों से नहीं मनाई गई होली

किसी अनहोनी की आशंका से ग्रस्त गुहला चीका के गांव दुसेरपुर के ग्रामीण लगभग 160 वर्षों से होली का त्यौहार नहीं मना रहे हैं। गांव में त्यौहार ना मनाए जाने के पीछे 160 पहले होली के ही दिन एक साधू द्वारा दिए गए श्राप को कारण बताया जा रहा है। गांव की सरपंच सीमा रानी […]

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रंगो के त्यौहार पर पड़ी मंदी की मार, भिवानी में सूने पड़े हैं बाजार

रंगों के त्यौहार होली पर इस बार भिवानी के रंगों के बाजार में महंगाई की मार दिखाई पड़ी। यहां तक कि दुकानदारों ने दिल्ली से बाहुबली, डोरेमोन, पुलिस व टैंक सहित अनेक पिचकारियां हजारों रूपये खर्च कर यहां बाजार में सजाई हैं, लेकिन भले ही ही फिल्मी जगत में बाहुबली ने करोड़ों रूपये कमाए हो, […]

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हरियाणा में होली होती है खास, जानिये किस-किस इलाके में कैसे मनाई जाती है होली

होली के त्यौहार को लेकर लोगों में अलग ही उमंग होती है. होली के रंगों में और आपसी भेदभाव को भूलकर प्यार और आपसी भाईचारे का त्यौहार है। होली के इस विशेष उत्सव पर हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में रंग बिछ गए हैं. होली के त्यौहार पर बाजारों में रंगों की भरमार है । हरियाणा […]

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देवर-भाभी का प्यार बढ़ाती होली

… देवर के संग होली खेलण का यो अलग नजारा हो सै माँ के जाये भाईयां तै भी भाभी का देवर प्यारा हो सै   आपणे मन की बात बैठ के या  साझी गल्यां करलें है देवर हो सै घणा लाडला या आपे कुची भरले है छोटे छोटे बालकां की ढ़ालां या बात बात पे […]

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सबनै कर द्यां लाल इबकै होली नै

… लाकै रंग गुलाल ईबकै होली नै आ सबनै कर दयां लाल इबकै होली नै छोट्टे बड्डे लोग लुगाई काका काकी ताउ ताई मां बाबू अर भाभी भाई अगड पड़ोसी अर अस्नाई सब मिलकै करां धमाल ईबकै होली नै लाकै रंग गुलाल ईबकै होली नै आ सबनै कर दयां लाल इबकै होली नै   फागण […]

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बुरा मत मानो “होली” है

… बुरा मत मानो “होली” है,, रंगों की ये हमजोली है।। गुलाल से,तो कोई खेले फ़ुवार से, दुलार से, तो कोई खेले प्यार से।। खड़ी दोस्तों की हर गली में “टोली” है,, आज नहीं छोड़ेंगे ये सबने “बोली” है।। रंगों की ये हमजोली है,,…… बुरा मत मनो भई “होली” है।।   सीमा, हिन्दी शिक्षिका, जीन्द

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फागण की होळी.. भाभियां आळे थाणे मै

फागण की होळी तो आ देख ल्यो हरियाणे मै टोरा कसुत्ता पावेगा भाभियाँ आळे थाणे मै   गोबर माट्टी का नाम बड़ा है हरियाणे की होळी मै नाळी-नाळे भरे पड़े सै देवर-भाभी न लेटाणे मै   नई भावज जब घर आवे खेलण आळे आ जा सै बिन बताए भांग मिला दें भाभी आळे खाणे मै […]

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