Home Breaking अस्थायी कब्जा करने वाला व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं- सुप्रीम कोर्ट

अस्थायी कब्जा करने वाला व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं- सुप्रीम कोर्ट

0

Yuva Haryana

New Delhi, 1, feb, 2019

सुप्रीम कोर्ट ने कब्जे की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रभावी कब्जे का मतलब है कि ऐसा कब्जा जो पर्याप्त रूप से लंबे समय से हो और उस कब्जे पर वास्तविक मालिक चुप्पी साधे बैठा हो। ऐसे में अस्थायी कब्जा वास्तविक मालिक को कब्जा लेने से रोक नहीं कर सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी संपत्ति पर अस्थायी कब्जे करने वाला व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं हो सकता। साथ ही टाइटलधारी भूस्वामी ऐसे व्यक्ति को बलपूर्वक कब्जे से बेदखल कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि ऐसे कब्जेदार को हटाने के लिए कोर्ट की कार्यवाही की जरूरत भी नहीं है। कोर्ट कार्यवाही की जरूरत तभी पड़ती है, जब बिना टाइटल वाले कब्जेधारी के पास संपत्ति पर प्रभावी/ सेटल्ड कब्जा हो, जो उसे इस कब्जे की इस तरह से सुरक्षा करने का अधिकार देता है, जैसे कि वह सचमुच मालिक हो।

जस्टिस एनवी रमणा और एमएम शांतनागौडर की बेंच ने फैसले में कहा कि कोई व्यक्ति जब कब्जे  की बात करता है, तो उसे संपत्ति पर कब्जा टाइटल दिखाना होगा और सिद्ध करना होगा कि उसका संपत्ति पर प्रभावी कब्जा है।

अस्थायी कब्जा मतलब कभी छोड़ देना, कभी कब्जा कर लेना या दूर से अपने कब्जे में रखना, ऐसे व्यक्ति को वास्तविक मालिक के खिलाफ अधिकार नहीं देता।

बैंच ने कहा कि संपत्ति पर कभी- कभार कब्जा करने वालों को वास्तविक मालिक द्वारा हटाया जा सकता है। यहां तक की वह आवश्यक बल का प्रयोग भी कर सकता है।

Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

हरियाणा में ग्रुप डी के वेटिंग लिस्ट वालों को जल्द मिल सकती है नौकरी,आदेश जारी

Yuva Haryana, Chandigarh …