टैटू गर्ल मर्डर बनी मिस्ट्री, आरोपी की मौत के साथ दफन हुआ राज !

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Yuva Haryana 
Gurugram, 29 june 2019

8 साल पहले घटी उस खूनी रात का आरोपी आज सीने में हजारों राज दफनाएं इस दुनिया को छोड़कर चला गया। 11 फरवरी 2011 का वह दिन शायद ही आपको याद हो। इस दिन राजधानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर एक काला बैग मिला और इस बैग के अंदर एक नौजवान लड़की की लाश मिली थी। लाश के टुकड़े- टुकड़े किए गए थे। कई दिन तक पुलिस उसकी शिनाख्त ठीक से नहीं कर पाई थी।  बाद में टैटू के जरिये लाश की पहचान हुई।

काले सूटकेस में मिली यह लाश नीतू सोलंकी की थी।  नीतू ने दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ किया था और निगम पार्षद का चुनाव भी लड़ चुकी थीं। साल 2010 में वह अपने घर से यह बताकर निकली थी कि वो सिंगापुर जा रही हैं, लेकिन नीतू कभी सिंगापूर गयी ही नहीं। बल्कि वह अपने प्रेमी के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी। एक साल बाद न जाने ऐसा क्या हुआ कि जिसे वह दिलों जान से चाहती थी। उसने ही उसकी मौत का ऐसा खौफनाक मंजर लिख डाला। जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की।

नीतू सोलंकी का बॉयफ्रेंड राजू गहलोत उसकी हत्या करने के बाद फरार हो गया था। आरोपी राजू 8 साल तक पुलिस की आखों में धूल झोंकता रहा। इस दौरान उसने नाम बदला, नौकरियां बदलीं, सिम कार्ड बदले यहां तक कि पकड़े जाने के डर से उसने अपने मां-बाप से भी कोई बातचीत नहीं की। पुलिस लगातार राजू की तलाश कर रही थी। 2011 में दिल्ली पुलिस से यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया। राजू पर 2 लाख रूपए का ईनाम रखा गया था।

मर्डर मिस्ट्री की इस कहानी को करीब 8 साल बीत जाने के बाद आखिरकार वह दिन आ ही गया। जब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आने से कुछ ही दूर था। लेकिन पुलिस जब तक उसके पास पहुंचती इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। दरसअल गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती राजू ने मौत से चंद घंटे पहले ही अपने माता-पिता से संपर्क किया,  दिल्ली पुलिस ने उसके घरवालों का फोन सर्विलांस पर लगा रखा था। लेकिन जब तक पुलिस अस्पताल पहुंचती तब तक राजू अपने सीने में कई राज दफन किए इस दुनिया को छोड़कर जा चुका था।

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