गुड़गांव कैनाल के निकट टेस्टिंग के लिए टूयबवैल लगाने की शुरूआत, प्रोपजल की टेस्टिंग का बजट मिला

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Bhagat Singh, Yuva Haryana
Palwal, 24 Oct, 2018
पलवल में पूर्व सिंचाई मंत्री चौधरी हर्ष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने क्षेत्र के किसानों की सेम की समस्या से निजात दिलाने का फैसला ले कर किसानों का दिल जीत लिया हैं। जिससे किसानों की हजारों एकड़ भूमि प्रभावित थी। गांव मिंडकौला के समीप सिलौनी रोड पर पूर्व सिंचाई मंत्री हर्षकुमार गुडगांव कैनाल के निकट टेस्टिंग के लिए टूयबवैल लगाने की शुरूआत करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों के हित में अनेकों जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की है और किसानों की वर्षो पुरानी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया है जिससे किसानों को फायदा होगा । पूर्व सिंचाई मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी हर्ष कुमार ने कहा कि प्रत्येक डेट किलोमीटर पर गुडगांव कैनाल के साथ साथ यह ट्यूबवेल लगाए जाएंगे ।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि टूयबवैल लगाने से किसानों को दोहरा फायदा होगा। एक तरफ जहां किसानों को सैम की समस्या से निजात मिलेगी वहीं दूसरी तरफ सूखी जमीन को पानी मिलेगा। पौंडरी, मंडकौला, लडमाकी और मलाई डिस्ट्रीब्यूटरी से किसानों की हजारों एकड जमीन की सिंचाई हो सकेगी।इस मौके पर गांव मंडकौला के सरपंच देवी सिंह डागर, जोग्रेन्द्र सिंह डागर, भूपेन्द्र सिंह, शिवराज एडवोकेट, सतपाल, किरण सिंह जेई, बीरेन्द्र, बल्ली, देवीराम मौजूद रहे। सिचाई विभाग के जेई रवि कांत यादव ने बताया कि प्रोपजल की टेस्टिंग को लेकर सरकार की तरफ से 53 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।

क्या है योजना ?

सैम की समस्या से प्रभावित गांवों में हजारों किसानों की फसल भी बरसात के कारण नष्ट हो जाती है। लेकिन अब सैम की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए एक अच्छी खबर। सैम से प्रभावित जमीन पर अब समय से बिजाई हो सकेगी।  किसानों को पानी की निकासी के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। सैम की समस्या से निजात दिलाने के लिए गुडगांव कैनाल के दोनों ओर करीब 50 टूयबवैल लगेंगे। टूयबवैल लगाने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से एक प्रोपजल सरकार के पास भेजा जा रहा है। जिस पर करीब 7 करोड रुपए खर्च आएगें। प्रोपजल की टेस्टिंग को लेकर सरकार की तरफ से 53 लाख रुपये का बजट मिल गया है। प्रोपजल के मुताबिक पानी की निकासी के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर टूयबवैल लगेगा।
गुडगांव के साथ-साथ कैनाल पर खेडली, कानौली, स्यारौली, मंडकौला, रीबड, नौरंगाबाद, बिघावली, मंढनाका, मीरपुर, रणसीका आदि गांवों की हजारों एकड़ जमीन में पानी भर जाता है। पानी भर जाने से सैम की समस्या पैदा हो जाती है। पानी की निकासी नहीं होने से हजारों एकड जमीन में कई-कई फुट पानी भरा रहता है। पानी भरे रहने से किसान खेतों की बुवाई नहीं कर पाते हैं। सैम की समस्या से प्रभावित गांवों में हजारों किसानों की फसल भी बरसात के कारण नष्ट हो जाती है। सैम की समस्या को समाप्त करने के लिए पूर्व सिंचाई मंत्री हर्षकुमार ने सीएम मनोहर लाल ने टूयबवैल लगवा कर पानी निकासी का प्रस्ताव रखा था। सिंचाई विभाग की ओर से पूर्व मंत्री की इस मांग का प्रोपजल बनाकर सरकार के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते करीब 50 टूयबवैल लगाए जाएंगे। इन टूयबवैलों से पानी को खींच कर पौंडरी, मंडकौला, मलाई और लडमाकी माइनर में डाला जाएगा। इस पानी से जहां बौरानी जंगल की सिंचाई हो सकेगी वहीं सैम की समस्या भी समाप्त होगी।

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