मांगों को लेकर प्रदेश में आठवें दिन भी जारी रहा फार्मासिस्ट वर्ग का आंदोलन

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Yuva Haryana 

2 September 2019 

हरियाणा में फार्मासिस्ट वर्ग का आंदोलन आठवें दिन में प्रवेश कर गया है। अस्पतालों से मरीज बिना दवाई लौट रहे हैं पर सरकार खामोश है। मुख्यमंत्री बिना गरीब जनता की परवाह किए रथ यात्रा में मस्त है।

एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने सरकार पर खुला आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री जी कहने को तो जनता की सरकार बताते है पर उनके पास न जनता के लिए और ना ही जनता के नुमाइदों के लिए वक्त है कि उनके साथ हुए अन्याय की बात सुन सके।

उन्होंने कहा कि कितनी बड़ी त्रासदी है, एक तरफ सरकार विदेशों की तर्ज पर डिजिटल इंडिया के सपने दिखाती है। कभी मोटर व्हीकल एक्ट लाती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के स्तंभ फार्मासिस्ट की अवहेलना करके जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। दूसरे विकसित देशों में जहां डॉक्टर सिर्फ डायग्नोज करता है । वहीं फार्मासिस्ट दवा और उसकी मात्रा का निर्धारण करता है, वहीं हमारे यहां चपरासी तक से दवाएं बटवाती है जो सरासर गलत है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक फार्मासिस्ट जो स्वास्थ्य संस्था की रीढ़ होता है व अपने कार्य के साथ साथ हर तरह की जिम्मेदारी का निर्वाहन बेहतरीन तरीके से करता है, चाहे वो डॉक्टर की अनुपस्तिथि में संस्था के इंचार्ज का कार्य हो, चाहे जन्म मृत्यु रिकॉर्ड के रजिस्ट्रार का कार्य होl पोस्टमार्टम हो या टी बी, हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की दवा व रजिस्ट्रेशन, वी आई पी ड्यूटी हो , ज़ब भी कोई संस्था में ज्यादा जिम्मेदारी वाला कार्य हो, सबको फार्मासिस्ट ही याद आता है।

बिना घड़ी में समय देखे एक फार्मासिस्ट ही कार्य करता है l उन्होंने इसे विडंबना ही बताया की जब हक देने की बात आती है तो पीछे धकेल दिया जाता हैl राजपत्रित फार्मासिस्ट का वेतनमान 4200 / होना सिस्टम के निद्रालीन होना दर्शाता है। फार्मासिस्ट केटेगरी जो सभ्य मानी जाती है, जनता की सेवा में विश्वास रखती है उसे पीछे धकेल दिया जाता है।

सरकार ने समान पैरा मेडिकल केटेगरी का वेतनमान 4600/- ग्रेड पे कर दिया है वहीं फार्मासिस्ट को 4200/- पर ही रख दिया है जो इस वर्ग का सरासर सम्मानहरण है lउन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट के ग्रेड पे 4600 / पर माननीय मुख्यमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री ने पूर्णतः सहमति जताते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी है पर वित्त विभाग उदासीन रवैया अपनाकर फार्मासिस्ट वर्ग को आंदोलन पर मजबूर कर रहा है।

इसी कड़ी में पूरे हरियाणा के फार्मासिस्ट आगामी 4 सितंबर को वित्त मंत्री के विधानसभा क्षेत्र नारनौंद में इकठे होकर अपनी ताकत दिखाएंगे और रोष मार्च करेंगे। अगर फिर भी सरकार नहीं चेतती है तो आगामी तीव्र आंदोलन की रणनीति की घोषणा वहीं कर दी जाएगी व अब फार्मासिस्ट वर्ग अपना हक लिए बिना चैन से नहीं बैठेगा।

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