1.21 करोड़ की रिश्वत मामले में बड़ा खुलासा, हरियाणा में ठिकाने लगाया जाता था पैसा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 03 July, 2018

कोच्चि में इंजिनियर राकेश कुमार गर्ग को करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद अब बड़े खुलासे पूछताछ के दौरान किये गए हैं। आरोपी गर्ग ने बताया कि रिश्वत का पैसा हरियाणा और दिल्ली में ठिकाने लगाया जाता था। सीबीआई को आरोपी के ठिकानों पर 3.97 करोड़ रुपये और छह किलो के सोने के बिस्कुट मिले हैं।

जानकारी के मुताबिक कोच्चि में नौसैनिकों के लिए बनने वाले मैरिड एकोमोडेशन प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए अजमेर के एक बिल्डर ने मिलिट्री इंजिनियरिंग सर्विस के चीफ  इंजिनियर आरके गर्ग को 38 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।

रकम की यह राशि दिल्ली में गर्ग के घर पर पहुंचाई गई थी लेकिन इसकी सूचना सीबीआई को मिल गई जिसके बाद छापेमारी की गई तो गर्ग के दिल्ली स्थित घर से 1 करोड़ 21 लाख रुपये बरामद हुए।

अब बताया जा रहा है कि यह डील कोच्चि में हुई, सौदे की रकम दिल्ली में भेजी गई और यह रकम हरियाणा में ठिकाने लगाई जानी थी, इससे पहले भी चीफ इंजिनियर आरके गर्ग रिश्वत की मोटी रकम को हरियाणा में गर्ग के रिश्तेदार संजीव के घर पर ठिकाने लगाया जाता था। हरियाणा में सीबीआई ने हिसार और रोहतक में छापेमारी की थी।

कोच्चि में नौसैनिकों के लिए मैरिड एकोमोडेशन बनना है, इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 177 करोड़ रुपये है। इसके लिए अजमेर और कोलकाता की दो कंपनियों को शेयरिंग में टेंडर दे रहा था । जिसमें चीफ इंजिनियर ने कुल प्रोजेक्ट का एक फीसदी कमीशन लिया ।

इस गोलमाल में कोलकाता की कंपनी ने चीफ इंजिनियर आरके गर्ग को 83 लाख रुपये दे दिये थे, वहीं अजमेर की कंपनी ने 38 लाख रुपये अभी दिये ही थे, कि सीबीआई को इसकी भनक लग गई और सीबीआई ने छापेमारी कर दी ।

सीबीआई के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को कोलकाता के मैसर्स पुष्कराज बिल्डर्स और अजमेर के मैसर्स जैन बिल्डर्स को कॉन्ट्रैक्ट देने की बात चल रही थी, इस पूरे सौदेबाजी के बीच में भूमिका कनव खन्ना नाम का एक शख्स निभा रहा था जो गर्ग का रिश्तेदार है और दिल्ली में रहता है।

वहीं सौदेबाजी की पूरी रकम को दिल्ली के बाद हरियाणा में गर्ग के रिश्तेदार संजीव के घर ठिकाने लगाया जाता था, उसके बाद से वह रकम किसी अन्य जगहों पर भेजी जाती थी।

 

 

 

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