मॉब लिचिंग के चलते हरियाणा के युवक की अलवर में पीट-पीटकर हत्या

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 21 July, 2018

सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेशों के बावजूद राजस्थान के अलवर इलाके में हरियाणा के एक शख्स की मॉब लिचिंग के चलते भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक फिरोजपुर झिरका के कोलगांव का रहने वाला था, फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है।

राजस्थान के जिला अलवर में गो तस्करी के आरोप में एक और शख्स की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई जबकी दूसरा आरोपियों के चंगुल से बच निकला। घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव लालवंडी की है। मृतक का अकबर खान हरियाणा के कोलगांव का रहने वाला है। फिलहाल रामगढ़ पुलिस ने मृतक अकबर खान की शिकायत पर करीब चार लोगों के खिलाफ हत्या करने सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गो तस्करी के आरोप में हत्या किऐ जाने की अलवर में ही यह चौथी घटना है। इस घटना से हरियाणा और राजस्थान की मेवात में सरकार और पुलिस के खिलाफ रोष है। दूसरे पीडित के मुताबिक वे दूध की दो गायों को लेकर अपने गांव जा रहा थे।
जानकारी के अनुसार जांच अधिकारी मोहन सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली की कुछ लोग गायों को पैदल गोतस्करी के लिए राजस्थान से हरियाणा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पाकर वह मौके के लिए पुलिस टीम के साथ चल दिया। गांव लालवंडी के पास एक शख्स मिला, जो गंभीर रूप से घायल था। उस समय वह हौश में था उसने अपना नाम अकबर और गांव कोलगांव मेवात बताया। मरने से पहले अकबर ने बताया कि वह और उसका एक साथी घर के लिए दूध की दो गाय लाडपुर रामगढ गांव से खरीदकर लेकर जा रहे थे। जांच अधिकारी का कहना है कि घायल अकबर को तुंरत रामगढ के सरकारी अस्पताल में लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होने बताया अज्ञात चार लोगों के खिलाफ धारा 302, 341, 143, 323 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
उधर अपनी जान बचाकर लोटे असलम खान ने बताया कि वह अबकर के साथ दूध की गाय खरीदने के लिए 19 जुुलाई को अलवर जिला के गांव खानपुर गए। वहां पर अकबर का कोई मिलने वाला है उससे करीब 15 दिन की बियाई गाय को 60 हजार रूपये में खरीदा। गाय के एक बछडा भी था। उन्होने दिन में गाय को घर लाने के लिए कई वाहना चालकों से बात की लेकिन कोई भी दिन के समय गाय को मेवात लाने के लिए तैयार नहीं हुआ। मैने और अकबर ने सौचा की रात के समय गाय-बछडा को ले चलेगें किराये का पैसा भी बचैगा और बिना किसी परेशानी के घर पहुंच जाऐगें। और वे 20 जुलाई की रात्री खानपुर गांव से कोलगांव के लिए चल दिये।
असलम का कहना है कि वे गाय को बछडे को साथ लेकर अपने गांव आ रहे थे। अकबर ने गाय की रस्सी पकड रखी थी और वह पीछे-पीछे चल रहा था। जब वे रात के करीब एक बजे सरदारों के गांव लालवंडी के पास से गुज रहे थे तो अचानक मोटरसाईकल पर सवार दो-तीन लोगों ने हवा में फायर की। फायर की आवाज सुनते ही वह कपास के पेडों में दुबक गया और अकबर गाय को छोडकर भागने लगा। हथियार बंद लोग भी अकबर के पीछे भागने लगे। कुछ दूर से उसे आवाज सुनाई दे रही थी कि कुछ लोग अकबर को बुरी तरह मार रहे हैं। लेकिन वह कपास के बडे-बडे पैडों का फायदा उठाकर दूसरी तरफ से अपनी जान बचाकर भाग निकला।

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