दादरी में पिछले चार महीने से धरने पर बैठे किसान की धरनास्थल पर ही मौत

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Yuva Haryana

Charkhi Dadri, 3 August 2019

चरखी दादरी में पिछले चार महीने से धरने पर बैठे एक किसान की धरनास्थल पर ही सदमा लगने से मौत हो गयी। 54 वर्षीय रामोतार चरखी दादरी के गांव बाढ़डा का रहने वाला था। रामोतार इस धरने पर सबसे ज्यादा एक्टिव सेवादार आदमी था।  चाय पानी से लेकर बुजुर्गों की देखभाल सब खुद करता था। रामोतार की लगभग जमीन 152 D रोड  के अधिग्रहण में आ गयी थी। वो बच्चों के भविष्य को लेकर दिन रात चिंतित रहता था। पिछले 1 हफ्ते से वह कुछ ज्यादा ही परेशान था।

रामोतर पिछले चार महीने से धरना स्थल पर बैठकर कहता रहता था कि सरकार हमारी नहीं सुनती और हमारी जमीन छीन रही है। शनिवार सुबह रामोतार कुछ ज्यादा ही चिंतित और बेचैन था। जानकारी के अनुसार सुबह धरनास्थल पर बैठे रामोतार ने वहां मौजूद अन्य लोगों से कहा कि “भाई न्यू लागै इस जमीन के साथ मैं भी मरूंगा” यह कहने के बाद उसकी छाती में तेज दर्द हुआ और उसने धरनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

इसके बाद धरनास्थल पर मौजूद अन्य किसानों का कहना था कि जब तक सरकार से शहीद का दर्जा, सरकारी नौकरी व 1 करोड़ मुआवजा राशि की मांग पुरी नहीं होती तब तक दाह संस्कार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सरकार जमीन का पर्याप्त बाजार भाव नही दे रही है। इसीलिये पिछले चार महीने से किसान पर्याप्त मुआवजा और टोल टैक्स में हिस्सेदारी की मांग को लेकर धरने पर हैं। लेकिन अभी तक किसानों की मांगे पुरी नहीं हुई है।

 

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