अनिश्चितकालीन हड़ताल की राह पर सफाई कर्मचारी, मनाने के लिए पीछे-पीछे दौड़ रही सरकार

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Deepak Khokhar, Yuva Haryana, Edited by Suman Kashyap

Rohtak, 17-05-2018

प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से  सफाई व्यवस्था अस्त- व्यस्त हो गई है। हर जगह  गंदगी के ढेर देखने के मिल रहे हैं। बढती गंदगी से बीमारियों फैलने की  स्थिति बन गई है। आपको बता दें कि गंदगी से इतने जल्दी निजात नहीं मिलने वाला क्योंकि सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगें नहीं मानी जाती। यह निर्णय रोहतक में हुई नगर पालिका कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया।

कर्मचारियों ने रोहतक में बैठक कर आगामी निर्णय लेने की बात कही। इसी के तहत रोहतक में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

साथ ही कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार का रवैया नकारात्मक रहा। वहीं सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल पर टिप्पणी करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा हमने यूनियनों को आश्वस्त किया है कि आगामी आठ दिनों के भीतर उनके सभी उचित मामलों का निपटान कर दिया जाएगा।

कुछ मांगों पर सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच एक समझौता पहले ही हो चुका है। उन्होंने अपने फैसले के बारे में राज्य सरकार को सूचित करने के लिए शाम तक का समय मांगा है। उन्हें उम्मीद है कि सफाई कर्मचारी जनहित में अपनी हड़ताल समाप्त कर देंगे।

ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें-

  • ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए।
  • समान काम-समान वेतन दिया जाए।
  • कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए
  • नौकरी के दौरान कर्मचारी के देहांत पर उसके आश्रित को एक्सग्रेसिया स्कीम के तहत नौकरी

इन मांगों पर सरकार ने जताई सहमति

सरकार ने  सफाई कर्मचारियों के सफाई विशेष भत्ते को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का भी निर्णय लिया गया है।

यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में किसी भी शहरी स्थानीय निकाय द्वारा सफाई कर्मचारियों या सीवरमैनों की आपूर्ति का कोई नया आउटसोर्सिंग अनुबंध नहीं किया जाएगा और वर्तमान आउटसोर्सिंग नीति अनुबंध भी इसकी समाप्ति की तिथि तक जारी रहेगा।

इसके अलावा आउटसोर्स पर लगी मेनपावर को नगरपालिकाओं के रोल पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। अब से आगे शहरी स्थानीय निकायों द्वारा कर्मचारियों के व्यक्तिगत खातों में पीएफ और ईएसआई सीधे जमा किया जायेगा।

संबंधित ठेकेदारों द्वारा विभिन्न कर्मचारियों के खातों में पीएफ और ईएसआई जमा करने के विवरण न मिलने पर चौकसी जांच करवाई जाएगी।

 

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