पंचकूला से राम रहीम को भगाने की रची गई थी साजिश, अब हुआ है बड़ा खुलासा

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Umang Sheoran, Yuva Haryana
Panchkula, 26 May, 2018

पंचकूला हिंसा के मामले में गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को देशद्रोह का आरोपी नंबर 50 बनाया गया है, पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को हुई हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ने सप्लीमेंट्री चालान पेश किया है। इसमें गुरमीत को आरोपी नंबर-50 बनाया गया है।

हिंसा के 10 महीने बाद गुरमीत को आरोपी बनाने का फैसला राकेश इंसां के बयानों के आधार पर हुआ है, राकेश भी डेरे की कोर कमेटी में था, अब जेल में है।

चालान में एसआईटी ने दावा किया है कि साध्वियाें से दुष्कर्म के मामले में डेरामुखी ने अपने खिलाफ आने वाले कोर्ट के ऑर्डर से पहले आदित्य से पूछा था-पंचकूला के प्लान पर काम कैसा चल रहा है ?

आदित्य ने कहा था सब प्लान के मुताबिक है। एसआईटी का कहना है कि पंचकूला में लाखों लोगों काे जुटाने की प्लानिंग सिरसा डेरे में हुई थी। हिंसा भड़काने की साजिश में जुटे डेरे के लोग गुरमीत की रहनुमाई में काम कर रहे थे। 12 अगस्त को तय हुआ था, फैसले वाले दिन क्या करना है।

– चार्जशीट के मुताबिक, गुरमीत के खास रहे राकेश इंसां ने बयान दिया है कि 17 अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा सिरसा में 45 मेंबरों की कमेटी की एक मीटिंग हुई थी।

इसमें तय किया गया था कि पंचकूला में हिंसा फैलाने के लिए किसकी क्या भूमिका होगी।

– पूरी प्लानिंग गुरमीत की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत और आदित्य इंसां ने फाइनल की।

– पंचकूला आने वाली भीड़ को ये बताया गया कि वहां सत्संग होना है।

-इसी तरह चमकौर सिंह समेत कई लोगों को रुपए जुटाने में लगाया गया।

-लोगों को खाने का इंतजाम कराना भी इनके जिम्मे था।

-लोगों को पंचकूला पहंचाने के लिए अलग-अलग टीमें लगी थीं।

– इसी मीटिंग में ये भी तय किया गया था कि पंचकूला काेर्ट से अगर गुरमीत के खिलाफ ऑर्डर आते हैं तो सरकार को कैसे हिलाना है।

-कैसे हिंसा फैलानी है और कैसे गुरमीत को भगाकर ले जाना है।

-इसके लिए भी एक अलग टीम थी।

-गुरमीत को पुलिस से छुड़ाकर भगाने के मकसद के तहत ही पुलिस का गाड़ी की पीछा गया किया।

-लेकिन, ये लोग मंसूबे में कामयाब नहीं हुए।

– मीटिंग के बारे में राकेश इंसां ने पुलिस को बताया है कि पूरे प्लान के बारे में उसके सामने ही गुरमीत और आदित्य इंसां की बात हुई थी। आदित्य अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। पुलिस ने जेल में पूछताछ की इजाजत मांगी हैं।

वहीं डेरामुखी को अब तक आरोपी न बनाने वाली एसआईटी सवालों में थी। लेकिन, जांच टीम के पास उसके खिलाफ न तो कोई सबूत था, न ही गवाह। अब एसआईटी को राकेश इंसां के रूप में गवाह मिल गया है। गुरमीत रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है। इसलिए अब एसआईटी जेल जाकर उससे पूछताछ करेगी।

इसके लिए डीजीपी ऑफिस से इजाजत मांग ली गई है। अब तक हनीप्रीत व अन्यों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन अब राम रहीम भी मामले में आरोपी बनाया गया है, इसमें चालान के साथ राकेश इंसां के बयानों की कॉपी लगाई गई है।

इसमें गुरमीत और पंचकूला हिंसा के बीच लिंक के बारे में बताया गया है। इसमें ये भी साबित करने की कोशिश की गई है कि गुरमीत अौर उसका खासमखास आदित्य इंसां इस पूरे घटनाक्रम से ठीक पहले तक लगातार संपर्क में थे।

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