देश के गृह मंत्रालय के पास नहीं है शहीदों का कोई रिकॉर्ड -RTI के जवाब में हुआ खुलासा

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Delhi (27 March 2018)

हमारे देश गृह मंत्रालय के पास शहीद भगत सिंह और उधम सिंह के शहीद होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। चंडीगढ़ के वकील एच सी अरोड़ा की RTI के जवाब में, गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी है कि उनके पास शहीदों की कोई भी सूची नहीं है।

अरोड़ा ने अपने आवेदन में शहीदों की आधिकारिक सूची में शहीद भगत सिंह, शहीद उधम सिंह जैसे शहीदों के नाम शामिल करने के लिए भारत सरकार की नीति के बारे में जानकारी मांगी है। विभाग से मिले जवाब में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ना तो शहीद के रूप में देश में किसी भी व्यक्ति (जीवित या मृत) की घोषणा करता है और ना ही इस तरह के आधिकारिक तौर पर घोषित शहीदों की सूची रखता है। इसलिए इस संबंध में कोई जानकारी प्रदान नहीं की जा सकती है।

हालांकि, आवेदक को जानकारी प्रदान करने के लिए गृह विभाग ने उसकी अर्जी राष्ट्रीय अभिलेखागार के पास भेजी है। एच सी अरोड़ा ने कहा है कि अगर अभिलेखागार एक महीने के भीतर सूची प्रदान करने में विफल रहे तो वे इस मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेंगे।

अरोड़ा ने कहा है कि शहीदों की सूची की अनुपलब्धता ने आरटीआई कानून के तहत भारत सरकार से जानकारी प्राप्त करने के लिए मजबूर किया था। हर साल उनके अनुयायियों द्वारा भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जन्म और मृत्यु दिवश पर उन्हें शहीदों के रूप में घोषित करने की मांग होती है। लेकिन इस तथ्यों के बावजूद कि तीनों ने अपने जीवन का बलिदान किया था, राज्य और केंद्र सरकारें उन्हें शहीदों के रूप में घोषित करने में नाकाम रही हैं।

पंजाब सरकार ने सरबजीत को ‘राष्ट्रीय शहीद’ के रूप में घोषित कर दिया था, जो पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में मारे गए थे लेकिन भगत सिंह और अन्य लोगों के लिए शहीद का दर्जा पाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिन्होंने देश के लिए अपनी ज़िंदगी का बलिदान किया।

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