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कॉमनवेल्थ गेम्स 2018- हरियाणा के इन होनहारो से है देश को उम्मीद

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Yuva Haryana,

Panchkula, (04-04-2018)

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आज से शुरू होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। भारतीय खिलाड़ियों के दल ने गोल्ड कोस्ट में दस्तक दे दी है। देश-दुनिया की नजरें हरियाणा के खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं। प्रदेश के 30 से ज्यादा खिलाड़ी इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दम दिखाएंगे। हॉकी, बॉक्सिंग और कुश्ती के अलावा इस बार शूटिंग में भी अनिश और गोल्डन गर्ल मनु भाकर से भी पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। आइए जानते हैं कौन हैं हरियाणा के वो दमदार खिलाड़ी जिनके कंधों पर टिका है मेडल का भार

मनु भाकर

शूटिंग की सनसनी मनु भाकर हाल के दिनों में सुर्खियों बटोर रही हैं। कई खेलों में मेडल जीत चुकी और अब शूटिंग में अचूक निशाने लगा रही हैं। हाल ही में उसने इंटरनेशनल लेवल में एक महीने में पांचवा और एक सप्ताह में तीन गोल्ड जीते हैं। कॉमनवेल्थ में वह 10 मीटर एयर पस्टिल में निशाना लगाएगी।

 

 

अनीश भनवाला

करनाल का रहने वाला अनीश छोटी उम्र से ही अचूक निशाने लगाने में माहिर खिलाड़ी बन गया है। अनीश भनवाला 25 मीटर रेपिड फायर पिस्तौल में वह पदक जीतने का तगड़ा दावेदार है। हाल ही में उसने जूनियर में भी गोल्ड जीता है। देश को इस युवा खिलाड़ी से काफी उम्मीदें लगा रखा है।

 

 

 

 

साइना नेहवाल

हिसार में जन्मी साइना नेहवाल घुटने की चोट से उभरकर वापसी कर रही। 2010 की स्वर्ण पदक विजेता साइना यदि फिटनेस बरकरार रख पाती है तो पदक की प्रबल दावेदार होंगी। पिछली बार चोटों के कारण वह इन खेलों से बाहर थी।

 

 

 

 

 

सुशील कुमार

सुशील कुमार नजफगढ़ के बापरोला गाँव के रहने  वाले है। पिछले खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सुशील ने विवादों से भरे दो साल के बाद वापसी की है। वह पुरुषों के 74 किग्रा फ्रीस्टाइल भारवर्ग में एक और स्वर्ण जीतना चाहेंगे। हालांकि इस बार उनकी राह कठिन होगी।

 

 

 

सोमवीर कादियान

फ्री स्टाइल पहलवान हैं। 86 किलोग्राम कैटेगरी में खेलते हैं और कई पदक अपनी झोली में डाल चुके हैं। सोमवीर को कूल माइंड खिलाड़ी माना जाता है और अपने साथियों में वे काफी लोकप्रीय हैं।

 

 

 

 

 

 

मौसम खत्री

97 किलोग्राम भारवर्ग के हैवीवेट खिलाड़ी मौसम खत्री लोकप्रिय पहलवान है। मैट हो या मिट्टी दोनों का पारंगत खिलाड़ी है। सोनीपत जिले में 1990 में जन्म हुआ और अनूप सिंह से कूश्ती के गुर सीखे हैं। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में दो बार गोल्ड जीत चुके हैं। 2016 साउथ एशियन में भी गोल्ड पर ही दांव मारा था। हरियाणा सरकार की करोड़ी कुश्ती के एकछत्र राजा हैं मौसम खत्री

 

 

 

 

 

 

 

 

 

साक्षी मलिक

रोहतक के मोखरा गांव की साक्षी मलिक ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश में कुश्ती की नई सनसनी और उम्मीदें बनकर उभरी है। भारवर्ग में अब राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की खुशी के लिए पदक लाने का बड़ा दारोमदार भी उस पर है। 2014 ग्लासको कॉमनवेल्थ गेम्स में वह सिल्वर मेडल लेकर आई थी। एशियन चैंपिनशिप में भी गोल्ड जीत चुकी है। एशियन जूनियर चैंपियनशिप भी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी है।

 

विनेश फौगाट

बलाली की फौगाट बहनों में से एक है। 23 साल की विनेश 50 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल की तगड़ी उम्मीद हैं। तकनीक की खिलाड़ी है और अब इंजरी से भी उभर चुकी है। 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीत चुकी है। एशियन चैंपियनशिप में भी सिल्वर और ब्रांज जीते है। 2014 एशियन गेम्स में ब्रांज जीत चुकी है।

 

 

 

 

 

पूजा ढांडा

57 किलोग्राम भारवर्ग की खिलाड़ी पूजा ढांडा हिसार की हैं। अपना खेल करियर जूडो से शुरू किया था लेकिन 2009 में दंगल में उतर गई और फिर कुश्ती में लोहा मनवाया। जूडो में वह तीन इंटरनेशनल मेडल जीत चुकी है। कॉमनवेल्थ गेम्स की ट्रायल में उसने गीता फौगाट को हराकर अपनी टिकट पक्की की है।

 

 

 

बजरंग पूनिया

57 किलो भारवर्ग में खेलने वाले 1994 में झज्जर जिले में जन्में बजरंग पूनिया ताकत के इस खेल के मंजे हुए खिलाड़ी हैं। सात साल की उम्र में अखाड़े में कदम रखा और अब तक हजारों पहलवानों को पटखनी दे चुके हैं। 2013 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था, 2014 एशियन गेम्स में सिल्वर, 2016 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके है।

 

 

बबीता फौगाट

बबीता फौगाट किसी परिचय की मोहताज नहीं। कुश्ती के क्षेत्र में बड़ा नाम है। दंगल फिल्म के बाद घर घर में पहचानी जाती है। 2010 में सिल्वर, 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीत चुकी है। 2012 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज जीत चुकी है। 2016 ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं।

 

 

 

अमित पंघाल

रोहतक का अमित पंघाल पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की 46 से 49 किलोग्राम भारवर्ग में हिस्सा ले रहा है लेकिन बॉक्सिंग के जानकार उसमें भारत का बॉक्सिंग भविष्य देख रहे हैं। 22 साल के अमित 2017 में एशिया चैंपियनशिप में ब्रांस जीत चुका है। इंडियन ओपन बॉक्सिंग में वह गोल्ड जीत चुका है।

 

 

 

 

 

पिंकी जांगड़ा

हिसार की पिंकी जांगड़ा मैरिकॉम को रिंग में हरा चुकी है। 51 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगी। पिंकी को ज्वाइंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि बॉक्सिंग की दिग्गज मैरिकॉम और एल सरिता भी पिंकी के मुक्कों के सामने हार मान चुकी हैं। 2014 ग्लासको कॉमनवेल्थ में ब्रांज जीत चुकी है। इंटरनेशनल लेवल पर तीन गोल्ड भी जीत चुकी है।

 

 

 

 

नमन तंवर

91 किलोग्राम हैवीवेट खिलाड़ी नमन तंवर भिवानी के हैं। वर्ल्ड यूथ बॉक्सिंग में ब्रांज मैडल जीत चुके हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स की ट्रायल में एशियन सिल्वर मैडलिस्ट सुमित सांगवान को हराकर अपनी टिकट पक्की की है।

 

 

 

 

 

मनोज कुमार

कैथल के रहने वाले 69 भारवर्ग के खिलाड़ी मनोज कुमार को जानने वाले कहते हैं कि आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि वह किस मिट्टी का बना है। मनोज के भाई राजेश ने अपनी बॉक्सिंग छोड़कर अपने भाई को तराशा है। 2010 कॉमनवेल्थ, 2016 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड जीत चुके है। ओलंपिक में भी भाग ले चुका है।

 

 

मनीश कौशिक

60 किलोग्राम भारवर्ग का खिलाड़ी मनीष कौशिक बॉक्सिंग का मिनी क्यूबा कहे जाने वाले शहर भिवानी से संबंध रखता है और बॉक्सिंग में खूब नाम कमा प्रदेश का नाम चमका रहा है।

 

 

 

विकास यादव

भिवानी के विकास यादव खुद को विकास कृष्णन लिखते हैं क्योंकि कृष्ण उनके पिता का नाम है। 75 किलोग्राम भारवर्ग में चुनौती पेश करेंगे। अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी हैं और हरियाणा सरकार में डीएसपी हैं। कई इंटरनेशल मैडल जीत चुके हैं दो बार ओलंपिक में भी खेलने का अनुभव है।

 

 

 

रानी रामपाल

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान है और देश में अब किसी परिचय की मोहताज नहीं। शाहबाद की रहने वाली हैं। और एक मजदूर पिता की बेटी ने विपरित परस्थितियों से हार नहीं मानते हुए भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी तक का सफर तय किया है।

 

 

सविता पूनिया

सिरसा के जोधकां की रहने वाली हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर और उपकप्तान है। कप्तान रानी रामपाल को वह अच्छा खासा बैकअप देती है और बेहतरीन गोलकीपर है।

 

 

मोनिका मलिक

सोनीपत के गोहाना की मोनिका मलिक 24 साल की है। 2017 एशियन कप की विजेता टीम की अहम सदस्य है। इंडियन रेलवे की तरफ से खेलती है। कप्तान रानी रामपात की टीम को हमेशा मजबूती देती है।

 

 

 

 

 

 

नवजौत कौर

शाहाबाद की रहने वाली हैं। एशियन कप की विजेता टीम की सदस्य हैं। जरूरत पडने टीम को बेहतरीन बैकअप देती है। शाहाबाद की सरजमीं से निकलने वाली बेहतरीन खिलाड़ियों में इनकी गिनती होती है।

 

 

 

दीपिका ठाकुर

रेलवे के लिए खेलने वाली दीपिका ठाकुर भारतीय महिला हॉकी टीम की दमदार खिलाड़ी हैं। यमुनानगर में जन्मी हैं और करनाल में रह रही हैं। अर्जुन अवार्ड से सम्मानित है और फारवर्ड खिलाड़ी है। टीम के बाकी सदस्यों से बेहतरीन तालमेल बनाकर खेलती है और कूल माइंड है।

 

 

नेहा गोयल

नेहा मूल रूप से सोनीपत के गांव कालूपुर की रहने वाली है और संघर्ष की मिसाल है। नेहा ने हॉकी में दो बार भारत को चैंपियन बनाया और बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड हासिल किया। रेलवे की खिलाड़ी है।

 

 

 

 

नवनीत

शहाबाद की ही खिलाड़ी हैं। फारवर्ड पॉजिशन पर खेलती हैं। ब्रांज जीतने वाली जूनियर हॉकी टीम सदस्य थी। गोल दागने में चीते जैसी फर्ती दिखाती है।

 

 

 

 

 

 

पूनम मलिक

हिसार की खिलाड़ी हैं। 2002 में भारतीय टीम को हॉकी खेलते देखकर खुद भी हॉकी थाम ली। 150 मैच का अनुभव है। जबरदस्त अटैक करती है और गोल करने की माहिर खिलाड़ी मानी जाती है।

 

 

 

 

नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा पानीपत के खंद्रा गांव के रहने वाले है। भाला फेंक एथलीट अपेक्षाओं का भारी बोझ लेकर मैदान पर उतरेगा। विश्व चैंपियनशिप में वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके थे। एशियाई चैंपिनशिप का स्पर्ण उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

 

 

 

सीमा पूनिया

सोनीपत की रहने वाली डिस्कश थ्रो की खिलाड़ी सीमा पूनिया भी चुनौती पेश करंगी। 34 साल की अनुभवी खिलाड़ी हैं। अब तक बेस्ट 62.62 मीटर का थ्रो है। उनके पति अंकुश पूनिया ही उनके कोच हैं।

 

 

बता दें कि ग्लास्को में पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 15 स्वर्ण, 30 रजत और 19 कांस्य समेत 64 पदक जाते थे। इस बार 218 स्दस्यीय दल से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अपेक्षाओं का अधिकांश बोझ निशानेबाजों, मुक्केबाजों, बैडमिंटन खिलाड़ियों और पहलवानों पर होगा, जो बेहतरीन फॉर्म में है। दोनों हॉकी टीमों से भी पदक की उम्मीद रहेगी। स्पर्धाएं 5 अप्रैल से शुरू होंगी, जबकि बुधवार को उद्घाटन समारोह है। उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू होंगी।

 

 

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