भाजपा के इन चार दिग्गज नेताओं के सामने विपक्ष से कांटे की टक्कर

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Yuva Haryana

10 Oct, 2019

भाजपा की 75 पार नारे का हरियाणा में सच होना मुश्किल तो नहीं कई सीटें ऐसी है जहां पर विपक्षी दल भाजपा के दिग्गज नेताओं को कड़ी टक्कर दे रहे है।अब देखना ये है भाजपा 75 ज्यादा सीटें हरियाणा में ला पाती है या नहीं लेकिन कहीं न कहीं विपक्ष के नेता इस बीजेपी के इस नार को सही साबित करने में लगे है विपक्ष दलों में सियासी गुटबाजी चल रही है जो भाजपा को जीत दिलाने का काम कर सकती है।
हरियाणा में भाजपा के चार दिग्गज जाट नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है इन चारों सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा ।

नारनौंद ,उचाना कलां , टोहाना व बादली सीट पर चुनाव काफी रोमांच भरा होगा वहीं इन सीटों पर लड़ने वाले भाजपा के चारों जाट दिग्गज नेताओं के लिए मुसीबत लेकर आ सकता है क्योंकि भाजपा के ये चारों बड़े चेहरे दुसरी बार चुनावी रण खड़े है इन कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है जिसमें शामिल है भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ,पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह कैप्टन, अभिमन्यू व ओपी धनखड़ जिन्हें करीब नौ महीने पहले अस्तित्व में आई (जजपा) जननायक जनता पार्टी के उम्दीवारों से खतरा है

बादली से भाजपा के दिग्गज नेता  ओपी धनखड़ को कांग्रेस के प्रत्याशी कुलदीप वत्स चुनौती दे रहे हैं । कुलदीप वत्स के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी है जो ओपी धनखड़ की जीत में रुकावट पैदा कर सकते है बादली हलके को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का इलाका माना जाता है।

नारनौंद से भाजपा प्रत्याशी कैप्टन अभिमन्यू चुनावी रण में उतरेंगे वहीं जजपा ने इस सीट पर राजकुमार गौतम को चुनावी रण में उतारा है नारनौंद में जेजेपी सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला का भी अच्छा प्रभाव माना जाता है वहीं नारनौंद में कांग्रेस व इनेलो के जाट नेता मैदान में होने से वोट बटने की संभावना है इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे नजर आ रहे है जेजेपी ने उनके खिलाफ मुकाबले में कांग्रेस छोड़कर आए देवेन्द्र बबली को मैदान में उतारा है 2014 के चुनाव में बबली को बतोर निर्दलीय अच्छे वोट मिले थे वहीं प्रदेशाध्यक्ष सरदार सिंह का भी समर्थन बबली को मिल रहा है

वहीं भाजपा के पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौ. बिरेन्द्र सिंह का परिवार उचाना कलां से बाहर नहीं निकल पा रहा है क्योंकि उचाना से जजपा नेता व पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला खुद चुनावी मैदान में डटे हुए है 2014 में दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमलता को कड़ी टक्कर दी थी

2019 के विधानसभा चुनाव में बीरेन्द्र सिंह की पत्नी भाजपा की सीट पर चुनावी रण में उतरी है वही बीरेन्द्र सिंह के बेटे हिसार के मौजूदा सांसद बृजेन्द्र सिंह भी डोर टू डोर प्रचार करने में लगे है फिलहाल उचाना कलां में मुकाबला भाजपा और जजपा के बीच है अब देखना ये है की जीत का सहरा किसके सिर सजता है ओर किसे हार का मुंह देखना पड़ सकता ह
भाजपा अपने चुनावी 75 पार के नारे को पूरा करने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रही है यहां तक हरियाणा में 75 से ज्यादा सीट हासिल करने के लिए खुद नरेन्द्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह हरियाणा में रैली कर रहे हैं लोगो को भाजपा को वोट देने की अपील कर रहे है

 

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