हरियाणा के इन 10 मंत्रियों ने ली शपथ, देखिए तस्वीरें

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Yuva Haryana

14 Nov, 2019

हरियाणा की 14वीं विधानसभा का पहला मंत्रिमंडल विस्तार गुरुवार को किया गया। इसमें 6 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्रियों ने शपथ ली। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। जिनमें भाजपा के 8, जजपा के 1 और 1 निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह ने शपथ ली,जो इंडियन नेशनल लोकदल(इनेलो) के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके ओमप्रकाश चौटाला के भाई हैं।

मनोहरलाल कैबिनेट में अब सीएम व डिप्टी सीएम सहित 12 मंत्री हो गए हैं। समरोह में भाजपा और जजपा के विधायकों सहित वरिष्ठ नेता भी पहुंचे। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा,भाजपा के प्रदेश प्रधान सुभाष बराला सहित कई पूर्व मंत्री समारोह में मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव में 40 सीटें जीतने वाली भाजपा ने 10 सीट वाली जजपा और 7 निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई है। 24 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद 27 अक्टूबर को मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री और जजपा प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मंगलवार को 5 निर्दलीय विधायकों ने दिल्ली में अकेले बैठक कर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।

बुधवार को निर्दलीय विधायकों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का समय भी मांगा था। इससे पहले ही सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इन विधायकों को डिनर का न्योता भिजवा दिया। बुधवार शाम को डिनर पर निर्दलीय विधायकों से चर्चा की गई। सभी 5 विधायक चुनाव से पहले भाजपा में थे। टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते।

कैबिनेट मंत्री की शपथ ली-अनिल विज, कंवरपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, रणजीत सिंह, जयप्रकाश, बनवारी लाल।
राज्यमंत्री की शपथ ली-ओमप्रकाश यादव, कमलेश ढांडा, जजपा के अनूप धानक, हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह।
कैबिनेट की औसत आयु -56.7 वर्ष
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की उम्र 31 साल,वे सबसे युवा डिप्टी सीएम
निर्दलीय विधायक रंजीत सिंह सबसे ज्यादा बुजुर्ग,उनकी आयु 73 वर्ष
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने 27 को शपथ ली थी
खट्टर कैबिनेट की औसत संपत्ति 17.42 करोड़,76.75 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक जेपी दलाल सबसे अमीर
1.17 करोड़ रुपए संपत्ति के मालिक अनिल विज खट्टर कैबिनेट में सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री
कैबिनेट में दुष्यंत समेत 4 जाट,सीएम समेत 3 पंजाबी, दो अनुसूचित जाति, एक-एक यादव,गुर्जर और ब्राह्मण को मिली जगह

1- छह बार जीत चुके चुनाव,बने कैबिनेट मंत्री
अनिल विज हरियाणा की अंबाला कैंट विधानसभा से छठी बार विधायक हैं। पिछले सरकार में वे स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। 15 मार्च 1953 को जन्मे अनिल विज की पहचान एक तेज तर्रार नेता के रूप में है। अनिल विज ने राजनीति की शुरूआत छात्र संगठन एबीवीपी से ही है। अंबाला कैंट स्थित एसडी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एबीवीपी में शामिल हुए। 1970 में अनिल विज को एबीवीपी का महासचिव बना दिया गया। अनिल विज और बनवारी लाल दो ऐसे मंत्री हैं जो इस बार चुनाव जीते हैं। बाकी मनोहर लाल की पूरी कैबिनेट को हार का सामना करना पड़ा था।

2-पिछली सरकार में स्पीकर अब बने कैबिनेट मंत्री
कंवर पाल गुर्जर को इस बार हरियाणा कैबिनेट में जगह मिल गई है। हालांकि पिछली बार उन्हें स्पीकर पद से ही संतोष करना पड़ा था। यमुनानगर जिले की जगाधरी सीट से इस बार कंवरपाल चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। अनिल विज के बाद शपथ लेने वाले वे दूसरे मंत्री हैं। इनकी गिनती हरियाणा के बड़े भाजपा नेताओं में होती है। उन्होंने पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम को मात दिया। कंवर पाल 1990 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की। वे दो बार यमुनानगर जिले के महासचिव भी रह चुके हैं। 1991 में छछरौली विधानसभा से पहला चुनाव लड़ा। कंवरपाल गुर्जर का जन्म 8 मई 1960 को यमुनानगर के बहादुरपुर गांव में हुआ। इनका साधारण किसान परिवार से ताल्लुक है।

3-दूसरी बार हरियाणा सरकार में मंत्री बने
डॉ. बनवारी लाल दूसरी बार हरियाणा सरकार में मंत्री बने हैं। 2014 में रेवाड़ी की बावल सीट पर जनता ने पहली बार भाजपा कमल खिलाया था। उस समय बनवारी लाल नए चेहरे थे। लेकिन 2019 में एक बार फिर जनता ने उन्हें विजेता बनाकर विधानसभा भेजा। बनवारी लाल का जन्म हरियाणा के नारनौल में हुआ। पिछली सरकार में इनके पास जन स्वास्थ्य विभाग था।

4-मंत्री बनने वाले इकलौते निर्दलीय विधायक
हरियाणा कैबिनेट विस्तार में रणजीत सिंह चौटाला की शानदार लॉटरी लगी। मनोहर की नई कैबिनेट में शामिल होने वाले एकमात्र निर्दलीय विधायक हैं। रणजीत सिंह चौटाला इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के भाई हैं। दुष्यंत चौटाला के बाद मंत्री पद की शपथ लेने वाले चौटाला परिवार के दूसरे सदस्य हैं। रणजीत सिंह चौटाला हरियाणा की रानियां विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे। रणजीत चौटाला पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र हैं। रणजीत चौटाला इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीते हैं और सबसे पहले भाजपा को अपना समर्थन दिया था। शायद मंत्री पद इसी का इनाम है। चौटाला परिवार से ताल्लुक रखने वाले रणजीत की रानियां में खासी पहचान है। बता दें कि रणजीत चौटाला इससे पहले भी मंत्री रह चुके हैं। हालांकि इस बार वो लंबे अरसे के बाद कोई चुनाव जीते हैं। कांग्रेस से टिकट कटने पर वे निर्दलीय मैदान में उतरे और हरियाणा लोकहित पार्टी के गोविंद कांडा को 19431 वोट से हराया।

5-अनूप धानक
चुनाव से पहले इनेलो छोड़ जजपा का दामन थामने वाले अनूप धानक की लॉटरी निकल पड़ी। हरियाणा कैबिनट में अब मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।अनूपधानक तीसरी बार उकलाना विधानसभा सीट से विधायक बने हैं। इस बार उन्होंने जेजेपी प्रत्याशी के तौर पर भाजपा उम्मीदवार आशा खेदड़ को मात दी। बता दें कि चुनाव से पहले इनेलो के जिन चार विधायकों ने जेजेपी पर अपनी आस्था दिखाई थी उनमें अनूप धानक का भी नाम शामिल था।

6-कमलेश अकेली महिला मंत्री
कमलेश ढांडा हरियाणा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद की शपथ लेने वालीं इकलौती महिला विधायक हैं। कमलेश ढांडा का नाम पहले से राजनीतिक हलकों में मंत्री पद के लिए चर्चा में था। वे कलायत विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं हैं। कमलेश ने दिग्गज नेता जयप्रकाश को शिकस्त दी। इसी का तोहफा उन्हें राज्यमंत्री स्वंतंत्र प्रभार के रूप में मिला है। बता दें कि जयप्रकाश कलायत क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता हैं। पिछले बार वे यहां से निर्दलीय विधानसभा का चुनाव जीते थे।

7- खिलाड़ी से नेता बने संदीप सिंह की लगी लॉटरी
हरियाणा की पेहोवा सीट से चुनाव जीतने वाले पूर्व भारतीय हॉकी टीम के कप्तान संदीप सिंह की किस्मत खुल गई। वे हरियाणा में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की शपथ ली। संदीप सिंह चुनाव जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिला। संदीप सिंह का जन्म 27 फरवरी 1986 को हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद में हुआ है। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं। भारतीय हॉकी के ड्रैग फ्लिकर संदीप को पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ के रूप मे जाना जाता है। हॉकी में विशेष उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने संदीप को 2010 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। डीएसपी के पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। फिल्म निर्माता शाद अली ने संदीप सिंह के जीवन पर सूरमा नाम की एक फिल्म बनाई है।

8-ओमप्रकाश यादव
हरियाणा के नारनौल विधानसभा सीट से भाजपा तीन बार जीती है। इस बार भाजपा की टिकट ओमप्रकाश यादव विधायक बने तो वहीं कैबिनेट में भी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई। नारनौल से ओपी यादव ने 14715 वोट से जीत दर्ज की थी। 2014 में भी ओमप्रकाश यादव ने इसी सीट से चुनाव जीता था। यह इनकी लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले नारनौल में साल 1987 कैलाश चंद्र शर्मा बीजेपी से जीते थे।

9- जयप्रकाश दलाल
लोहारू विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले जयप्रकाश दलाल ने केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। जयप्रकाश ने कांग्रेस प्रत्याशी सोमवार सिंह को इस बार चुनाव में मात दी। पिछले चुनाव में इस सीट पर इनेलो के ओमप्रकाश बारवा ने जीत दर्ज की थी।

10- मूलचंद शर्मा

मूलचंद शर्मा लगातार दूसरी बार बल्लभगढ़ से विधायक चुनकर आए हैं। आज उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद के लिए शपथ ली। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आनंद कौशिक को हराया था। इससे पहले 2014 में उन्होंने कांग्रेस के लखन सिंघला को हराया था।

खट्टर कैबिनेट की औसत संपत्ति 17.42 करोड़ रुपए
खट्टर कैबिनेट की औसत संपत्ति 17.42 करोड़ रुपए है। अम्बाला से विधायक अनिल विज के पास सबसे कम 1.17 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वहीं, लोहारू से विधायक जयप्रकाश दलाल सबसे अमीर मंत्री हैं। उनके पास 76.75 करोड़ रुपए की संपत्ति है। जगाधरी के विधायक कंवरपाल गुर्जर की कुल संपत्ति 4.31 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही, बल्लभगढ़ से विधायक मूलचंद शर्मा के पास 12.44 करोड़, रानियां के विधायक रणजीत सिंह 27.08 करोड़, बनवारी लाल के पास 2.76 करोड़, नारनौल विधायक ओमप्रकाश के पास 1.55 करोड़, कलायत से विधायक कमलेश ढांडा के पास 2.62 करोड़, उकलाना विधायक अनूप धानक के पास 1.38 करोड़ और पिहोवा से विधायक संदीप सिंह के पास 2.88 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

 

 

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