हरियाणा बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे स्व. सूरजभान की बहन ने छोड़ी पार्टी, इनेलो में शामिल

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 06 June, 2018

हरियाणा में बीजेपी को बड़ा झटका है। हरियाणा में चार बार सांसद रहे और तीन बार राज्यपाल रहे स्व. सूरजभान की बहन लेखवती देवी ने पूरे परिवार के साथ बीजेपी को छोड़कर इनेलो का दामन थाम लिया है। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला की मौजूदगी में परिवार के लोगों ने इनेलो में शामिंल होने की घोषणा की।

स्व. सूरजभान बीजेपी के कद्दावर नेता रह चुके हैं वहीं चार बार सांसद भी रह चुके हैं । इनके अलावा वो साल 1996 में तेरह दिन तक केंद्र सरकार में कृषि मंत्री भी रहे थे। वहीं दिवंगत सूरजभान सिंह यूपी, बिहार और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं। देवीलाल सरकार के दौरान वो मंत्री रहे थे। वहीं स्व. सूरजभान हरियाणा बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

पंचकूला में मंगलवार को जेल भरो आंदोलन के दौरान स्व. सूरजभान की बहन लेखवती ने पूरे परिवार के साथ अभय सिंह चौटाला की मौजूदगी में शामिल होने की बात कही। लेखवती ने इनेलो में शामिल होने पर बताया कि बीजेपी के लिए उन्होने कई दशकों से काम किया है लेकिन उनकी हमेशा अनदेखी हुई है।

वहीं लेखवती देवी ने बताया कि उनको इनेलो में पूरा विश्वास है इसलिए उन्होने इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी में बिना किसी मांग के शामिल होने की घोषणा की है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने भी पार्टी में पूरा मान सम्मान देने की बात कही ।

वहीं राजनीतिक पंडितों की माने तो स्व. सूरजभान के भानजे देशबंधु सक्रिय राजनीति में आ सकते हैं। हालांकि वो डीएसपी के पद पर तैनात थे लेकिन किन्ही कारणों के चलते उनको हटा दिया गया था। अब राजनीतिक विशलेषण देशबंधु के राजनीति में आने का अनुमान जता रहे हैं।

कौन थे स्व. सूरजभान ?

स्व. सूरजभान का जन्म एक अक्टूबर 1928 को यमुनानगर के मेहलानवाली गांव में हुआ था। उन्होने एमए और एलएलबी की पढाई कुरुक्षेत्र और पंजाब यूनिवर्सिटी से की थी । वो उत्तर प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे थे। वहीं साल 1996 में केंद्रीय कृषि मंत्री भी रहे। स्व. सूरजभान चौधरी देवीलाल की सरकार में 1987 से लेकर 1989 तक मंत्री भी रहे थे। इनके अलावा वो 1 967 से 1970 व 1977 से 1979 व 1980 से 1984, 1996 से 1998 तक सांसद रह चुके हैं।

साल 2002 में वो उपराष्ट्रपति के पद की दौड़ में भी शामिल थे। साल 2004 में उन्हे एससी एसटी आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। 78 साल की उम्र में साल 2006 में दिल्ली मे ंउनका निधन हो गया था।

 

 

 

 

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