Home Breaking हरियाणा की मंडियों में किसानों के लिए समय निर्धारित, 50 से ज्यादा नहीं आ सकेंगे किसान, फोन पर मिलेगी हर जानकारी

हरियाणा की मंडियों में किसानों के लिए समय निर्धारित, 50 से ज्यादा नहीं आ सकेंगे किसान, फोन पर मिलेगी हर जानकारी

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा सरकार ने रबी खरीद सीजन के दौरान सरसों और गेहूं की खरीद को आसान बनाने और मंडियों में भीड़ को कम करने के लिए मंडियों में एक समय में किसानों के प्रवेश की सीमा को 50 किसानों तक सीमित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रबी खरीद सीजन 2020-21 (गेहूं, सरसों और चना) 15 अप्रैल से आरंभ होगा और 30 जून, 2020 तक जारी रहेगा। किसानों को मंडियों में दो टाइम स्लॉट- सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर ढाई बजे से शाम छ: बजे तक जाने की अनुमति होगी।

प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने खरीद के सुचारू संचालन और खरीद कार्यों में शामिल सभी हितधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मंडियों में भीड़ को कम करने के लिए, रबी खरीद सीजन 2020-21 में गेहूं की खरीद को 20 अप्रैल और सरसों और चना को 15 अप्रैल, 2020 से शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि खरीद को नियंत्रित करने और मंडियों में भीड़ इक_ा न हो, इसके लिए मार्केट कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कृषि उत्पाद अर्थात गेहूं, सरसों, और चना को ऑनलाइन ई-गेट पास के जारी होने पर ही मंडी में प्रवेश दिया जाए और यह पास केवल ‘मेरी फ़सल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित किसानों को जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के जो किसान अभी ‘मेरी फ़सल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे 19 अप्रैल, 2020 तक पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, अन्य राज्य के किसानों की उपज आगामी दिशा-निर्देशों के जारी होने तक नहीं खरीदी जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसान द्वारा अपनी कृषि उपज का भार मंडी गेट पर स्थापित धर्मकांटा या मंडी के बाहर स्थित आढ़ती एसोसिएशन द्वारा स्वीकृत धर्मकांटा से करवाए, जहां आढ़ती एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि भी मौजूद रहेगा। मंडी में कृषि उपज उतारने के बाद किसान खाली ट्रॉली वाहन का वजन भी करवाएगा, ताकि कृषि उपज का वास्तविक वजन किसानों को पता चल पाए और किसान पर्ची पर संबंधित आढ़ती से हस्ताक्षर करवाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि मंडी एसोसिएशन गेहूं को साफ करना और इसका वजन पूरा होने के बाद बोरों में भरना सुनिश्चित करेगी ताकि खरीद एजेंसियों के वाहनों में लोड किया जा सके। उन्होंने बताया कि खरीद कार्यों में शामिल सभी हितधारकों को निष्ठापूर्वक अपनी भूमिका को निभाते हुए मिलकर काम करना चाहिए और समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और हिदायतों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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