देश का पहला ऐसा न्यायिक मामला- टोहाना के रवि ने कोर्ट में अर्ज कर लिया नास्तिक कहलवाने का हक

Breaking चर्चा में दुनिया देश बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Naval Singh, Yuva Haryana

Tohana, 28 Dec, 2018 

वर्तमान में जहां देश जाति धर्म में बटा हुआ है, वहीं टोहाना निवासी एक युवा ने इस सबसे अपना पिंड छुड़ा लिया है। युवक ने अपने नाम के पीछे नास्तिक शब्द जोड़ लिया है। उसे को ऐसा लगता है देश जाति धर्म में बटकर रह गया है। वहीं मैं लंबे समय से घुटन महसूस कर रहा था इसलिए कोर्ट से मैंने यह हक हासिल किया है कि अब मैं किसी भी धर्म जाति से संबंध नहीं रखता हूं और मैं विवाह भी संविधान के मुताबिक कोर्ट में ही करूंगा।

ऐसा कहना है टोहाना के रवि का, जिसे आजकल रवि कुमार नास्तिक के नाम से जाना जाता है। चार भाई-बहनों में एक रवि ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वो लंबे समय से यह महूसस करता था कि देश व विश्व में जाती, धर्म, बिरादरी, मजहब जैसी समस्या है, जिसने इन्सान को बांट दिया है।

इसको लेकर उसने एक नई शुरुआत करते हुए नास्तिक कहलाने का हक माननिय न्यालयाय के माध्यम से लिया है। जिसकी जदोजहद में कागजी कार्यवाही पूरी करने में उसे लगभग एक वर्ष लग गया है। बता दें कि इससे पहले देश व विश्व में नास्तिक कहलाने वालों व मानने वालों की एक लिस्ट है, पर कोर्ट के माध्यम से इस हक की बात करने वाले रवि विरले ही है। देश का इतिहास खंगाले तो महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह भी खुद को नास्तिक कहते थे अपनी दलील को देते हुए बकायदा उन्होनें एक लेख लिखा था कि मैं नास्तिक क्यों हूं।

सभी जानते हैं उन्हें 23मार्च 1931 को फांसी की सजा अग्रेजी साम्राज्य के द्वारा दी गई थी। उनकी शहादत के 57 साल बाद ( वर्ष 1988)में जन्में रवि ने इसी कड़ी को जोड़कर इतिहास रचने का काम किया है। रवि नास्तिक के वकील राजकुमार सैनी ने बताया कि उसने 2017 में टोहाना कोर्ट में एक दावा पेश किया था कि वह अपने नाम के पीछे किसी जाति धर्म को नहीं लिखना चाहता।

इसी पर संज्ञान लेते  हुए टोहाना कोर्ट ने 2 जनवरी 2018 को रवि के यह हक दे दिया कि वह अपने नाम के पीछे नास्तिक लिख सकता है। रवि ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं धर्म-जाती के बन्धनों से पहले भी मुक्ति महसुस करता था, पर अदालती हक के बाद उसी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। आज वो अपने -आप को स्वतन्त्र महसूस कर रहा है। रवि शहीद भगत सिंह व सविधान निर्माता अंबेडकर से खुद को प्रभावित मानता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *