एक रुपये किलो भी नहीं बिक रहे टमाटर, फेंकने को मजबूर हुए किसान

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें बिजनेस हरियाणा

Yuva Haryana
Chandigarh, 26 April, 2018

भाव भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने के बावजूद भी आढ़तियों द्वारा टमाटर की खरीद नहीं की गई है। इसी के चलते किसानों ने रोड पर टमाटर फेंक दिया। चरखी दादरी मंड़ी में किसान टमाटर लेकर पहुंचे थे, लेकिन खरीद नहीं होने पर सब्जी मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया और टमाटर रोड पर फेंककर नारेबाजी करने लगे। किसानों द्वारा सड़क के बीचों-बीच टमाटर डालकर प्रदर्शन से रोड पर दोनों तरफ दूर-दूर तक लंबा जाम लग गया।

बता दें कि जिले के किसानों ने 1300 एकड़ में टमाटर की खेती तो कर ली। मगर अब इन किसानों को अपने टमाटरों की लागत भी नहीं मिल पा रही है। अलग-अलग गांवों से आए किसानों ने मार्केट कमेटी के कुछ अधिकारियों पर आढ़तियों के साथ मिलीभगत कर कम दामों पर टमाटर खरीदने के आरोप भी लगाए।

किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा भाव भावांतर योजना लागू की गई थी। जिसके तहत टमाटर की फसल कम से कम चार रूपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदी जाती है। लेकिन उनसे 1 रूपया प्रति किलो के हिसाब से टमाटर खरीदा जाता है। जिसकी एवज में उन्हें जे-फार्म भी नहीं दिया जाता और इस तरह से भाव भावांतर योजना का लाभ मिलना लगभग नामुमकिन है।

दादरी की नई सब्जी मंडी में वर्तमान में कई दर्जन आढ़ती टमाटर की खरीद करते हैं। लेकिन उनमें से केवल एक ही आढ़ती किसानों को जे-फार्म उपलब्ध करवा रहा है और ऐसे में मार्केट कमेटी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

वहीं किसानों के विरोध को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी देर बाद किसानों ने लिखित में आश्वासन देकर ताला खुलवाया।

यह भी पढ़ें-

आर्थिक रुप से कमजोर खिलाड़ी अरुण कुमार की कृषि मंत्री ने की सहायता, खिलाड़ी को दिए 50 हजार रुपये

2 thoughts on “एक रुपये किलो भी नहीं बिक रहे टमाटर, फेंकने को मजबूर हुए किसान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *