नलवा से बीजेपी के प्रत्याशी रहे मा. हरिसिंह ने छोड़ी पार्टी

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Vinod Saini, Yuva Haryana
Hisar, 11 July, 2018

हरियाणा में बीजेपी को लगातार झटके लग रहे हैं और बीजेपी के नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। अब एक बार फिर आज हिसार में दो बड़े नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया है। नलवा से साल 2014 में बीजेपी की तरफ से प्रत्याशी रहे मास्टर हरिसिंह ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। मास्टर हरिसिंह ने बीजेपी पर कई आरोप भी लगाए हैं।

साल 2014 ंमें बीजेपी के पुराने नेता रहे मास्टर हरिसिंह को टिकट दिया गया था। मास्टर हरिसिंह साल 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के राजनीतिक सलाहकार रहे थे। 1991 में उन्होने चौधरी भजनलाल के खिलाफ आदमपुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था। उसके बाद से हरि सिंह सक्रिय राजनीति से दूर रहे। 2014 में हरि सिंह कुछ खास अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और 11.19 प्रतिशत वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे थे।

इधर हिसार में कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य योगेश सिहाग ने भी पार्टी छोड़ने के ऐलान कर दिया है। उन्होने अपना इस्तीफा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को भेजा है। योगेश सिहाग ने पारदर्शिता, मैरिट भर्ती और कार्यकर्ताओं के सम्मान ना देने पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव एवं वर्तमान में भाजपा कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट योगेश सिहाग ने अपने समर्थकों सहित भाजपा को छोडऩे का निर्णय लिया है। उन्होंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को भेज दिया है।

 

एडवोकेट योगेश सिहाग सितंबर 2014 में समर्थकों सहित भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव रहते हिसार जिला में 6500 सदस्य पार्टी के साथ जोड़े थे। वर्तमान में वो भाजपा कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थे। योगेश सिहाग ने कहा कि वो जिस उम्मीद के साथ भाजपा में शामिल हुए थे, उस पर भाजपा खरी नहीं उतरी।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल हुए लोगों को किसी तरह का मान-सम्मान नहीं दिया जाता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं जनता के कार्य करवाने में भी असमर्थता महसूस करते हैं, जिसके चलते आम जनता में भाजपा कार्यकर्ताओं की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता में रहते हुए आम जनता के कार्य नहीं करवा सकते तो ऐसी पार्टी में बने रहना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्टी व सरकार की सोच विकास की न होकर समाज को तोड़ सत्ता हासिल करने की है। भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल साबित हुई और एचएसएससी घोटाले ने युवाओं के सपनों को तोडऩे का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मैरिट व पारदर्शी भर्ती के दावे पूरी तरह से खोखले हैं। इन सभी बातों को देखते हुए उन्होंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

 

योगेश सिहाग ने बताया कि वो अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ 12 जुलाई को नई दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के आवास पर उनके नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि योगेश सिहाग के पिता जिला परिषद के पूर्व सदस्य दिलबाग सिहाग कांग्रेस कमेटी में विभिन्न पदों पर रहे हैं और उनकी भूपेंद्र हुड्डा व कुमारी सैलजा से काफी निकटता रही है। योगेश सिहाग भी अब दोबारा अपनी घर वापसी कर रहे हैं।

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