हरियाणा के दो विश्वविद्यालयों को UGC ने दी ऑटोनोमी

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Yuva Haryana

Chandigarh (22 March 2018)

हरियाणा ने उच्चतर शिक्षा विभाग के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा देश के जिन 21 राज्य विश्वविद्यालयों को ऑटोनोमी प्रदान की गई है उनमें से 2 हरियाणा के हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र और गुरू जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,हिसार को यह ऑटोनोगी प्रदान की गई हैं।

इसके अलावा देश के जिन दो निजी विश्वविद्यालयों को यह सम्मान हासिल हुआ है उनमें भी हरियाणा का ओ.पी जिंदल गलोबल विश्वविद्यालय,सोनीपत शामिल है जो कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है। अब इन विश्वविद्यालयों को अकादमिक और प्रशासनिक निर्णय लेने में और अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश में उच्चतर शिक्षा विभाग में गुणवत्ता लाने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के विश्वविद्यालयों के प्रशासन के प्रयासों की बदौलत प्रदेश के उच्चतर शिक्षा विभाग ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। बता दें कि वर्ष 2015-16 में किए गए सर्वे के अनुसार भारत में कुल 799 विश्वविद्यालय हैं।

उन्होंने बताया कि ऑटोनोमी के क्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र को ग्रेड-A के साथ राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC ) द्वारा 3.52 स्कोर दिया गया है। जिससे यह विश्वविद्यालय पूरे देश में 8वें स्थान पर आया है। इसी प्रकार गुरू जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,हिसार को ग्रेड-B ऑटोनोमी के साथ (NAAC) द्वारा 3.28 स्कोर मिला जिससे यह विश्वविद्यालय पूरे देश में 21वें स्थान पर रहा।

शर्मा ने बताया कि पूरे देश के केवल दो निजी विश्वविद्यालयों को ऑटोनोमी का सम्मान हासिंल हुआ है। इनमें ओ.पी जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय, सोनीपत को ग्रेड-B ऑटोनोमी के साथ (NAAC) 3.26 स्कोर मिला है जिसके कारण यह विश्वविद्यालय निजी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

बता दें कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के सभी संस्थानों के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता लेना अनिवार्य किया हुआ है। इस बारे में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कॉलेज के प्रिंसिपलों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए है।

इन विश्वविद्यालयों को यूजीसी के नए नियमों ‘कैटेगराइजेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज फोर ग्रांट ऑफ ग्रेडिड ऑटोनोमी’ के अनुसार तीन श्रेणियों के तहत ऑटोनोमी दी गई है। यह ऑटोनोमी राष्ट्रीय आकलन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा दिए गए स्कोर पर आधारित है जो उन्हें अकादमिक और प्रशासनिक निर्णय लेने में और अधिक स्वतंत्रता प्रदान करेगी।

 

 

 

 

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