पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकेगी सरकार, रावी-ब्यास बैराज-2 बनाने का आग्रह

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Yuva Haryana

Haryana, 05-04-2018

हरियाणा सरकार पाकिस्तान जाने वाले पानी को प्रदेश में लाने की कवायद में जुट गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार सतलुज ब्यास और रावी का पानी पंजाब के रास्ते हरियाणा में लाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश सरकार पंजाब सरकार से रावी ब्यास बैराज – 2 के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने का आग्रह करेगी। इस बैराज के बनने से हरियाणा और पंजाब के साथ राजस्थान को भी पानी मिलेगा।

देश के बंटवारे के वक्त इंडस ट्रीटी के तहत पंजाब और जम्मू कश्मीर से होकर बहने वाली सिंधु झेलम और चेनाब नदियों का पानी पाकिस्तान को और सतलुज,रावी और ब्यास का पानी भारत को मिला था। लेकिन इसके बावजूद भारत की तीनों नदियों का पानी अब भी पाकिस्तान बहकर जा रहा है। इसी पानी को रोकने पर अब केन्द्र सरकार विचार कर रही है। इसके लिए तीन बांध बनाए जाने की योजना है।

हरियाणा सरकार अब जल्द ही इसके लिए रावी ब्यास बैराज–2 के निर्माण के लिए डीपीआर यानि के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए पंजाब सरकार से आग्रह करेगी। इस बैराज के बनने से करीब 1,112 क्युसिक पानी को पाकिस्तान जाने से रोका जा सकेगा। हरियाणा को पंजाब और राजस्थान से जल समझौतों के तहत बैराज से करीब 21 फीसदी पानी मिलेगा। इस पानी से न केवल बड़ी मात्रा में पानी की जरुरतों को पूरा किया जा सकेगा बल्कि दक्षिण हरियाणा की सूखी धरती की भी प्यास बुझेगी।

भाजपा के चीफ मीडिया कोर्डिनेटर राजीव जैन ने कहा कि भाजपा ने विपक्षी दलों की तरह कभी भी पानी के मुद्दे पर सियासत नहीं की भाजपा ने गंभीरता से हरियाणा के हितों के लिए काम किया है। एसवाईएल के मामले में भी प्रदेश सरकार के प्रयास के चलते ही सुप्रीम कोर्ट में फैसला हरियाणा के पक्ष में आया है।

उधर विपक्ष ने कहा कि हरियाणा का बुनियादी मुद्दा एसवाईएल है,भाजपा लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दे से भटकाना चाहती है। इनेलो नेता आरएस चौधरी ने कहा कि अगर पाकिस्तान का पानी रोक भी लिया गया, तो हरियाणा को मिलेगा कैसे। क्योंकि पानी लाने के लिए नहर तो है ही नहीं, इसलिए पहले एसवाईएल का निर्माण हो।

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