इस गांव में सरकारी डॉक्टरों की है कमी, अब गांव में जन्मे डॉक्टरों ने संभाला जिम्मा

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Yuva Haryana
Hisar, 03 Feb, 2019

प्रदेशभर में राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल है जिससे हिसार जिले का पाबड़ा गांव भी अछूता नहीं है। कहने को तो गांव में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछले काफी वर्षों से बना हुआ है लेकिन उसमें लगभग सभी पद पिछले बहुत समय से खाली पड़े हैं। जो एक आध डॉक्टर नियुक्त भी है तो वो ग्रामीणों को ढंग से सेवाएं नही दे पा रहे है।

बार बार ग्रामीणों द्वारा इस बाबत प्रशासन से गुहार की गई तो उनकी वहां भी सुनवाई नही हुई। लेकिन जब यह बात इस गांव की मिट्टी में जन्मे डॉक्टरों को पता चली तो उनसे यह सहन नहीं हुआ और उन्होंने ठान लिया कि वो अपने बूते पर गांव को स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने का काम करेंगे। इसी गांव की मिट्टी में जन्मे डॉक्टरों ने जब इस मुद्दे पर चर्चा करके अपने ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा देने का विचार बनाया तो उनके साथी डॉक्टरों ने भी एकमत होकर हामी भरते हुए एक महा मेडिकल जांच कैंप के आयोजन का खाका तैयार कर दिया। आज उसी खाके को साकार करते हुए एक महा चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया जिसमें कुल मिलाकर 16 डॉक्टरों की टीम ने 1000 से ज्यादा ग्रामीणों के स्वास्थ्य को जांचा और उन्हें निशुल्क दवाएं भी वितरित की गई।

इस मेडिकल जांच टीम में शामिल चिकित्सकों 8 डॉक्टर इसी गांव की मिट्टी में जन्मे थे। अपने लोगों के बीच सेवाएं देते हुए जहां डॉक्टर भाव विभोर थे वहीं ग्रामीण भी अपने बच्चो को खुद के बीच पाकर खुशी से फुले नही समा पा रहे थे।

पाबड़ा गांव के जागृति युवा मंच और गांव में ही स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के एलुमनी एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से लगाए गए इस मेडिकल जांच कैंप में कुल 18 चिकित्सक पहुंचे जिनमें से 8 डॉक्टर इसी गांव की मिट्टी में जन्मे तथा कुछ डॉक्टर गांव में स्थित नवोदय विद्यालय के पूर्व में छात्र भी रहे हैं। साथ मे आए अन्य चिकित्सक अपने साथियों के साथ उनकी मिट्टी का कर्ज चुकाने के लिए गांव में पहुंचकर सेवाएं दे रहे थे।

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