एक जून से 10 जून तक गांव बंद, शहरों की तरफ नहीं जाएंगे गांववाले

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 18 May, 2018

आपने बाजार बंद होते तो देखा होगा लेकिन क्या कभी गांव बंद होने की कोई खबर देखी है, जी हां… अब देश के 62 किसान संगठन शहर बंद की बजाय गांव बंद करने की योजना बना रहे हैं।

आगामी एक जून से लेकर 10 जून तक गांव बंद करने का ऐलान किया गया है, इन दस दिनों में स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वो गांव से कोई भी सामान लेकर बाजार में ना जाएं।

इस दौरान गांवों से जाने वाली दूध, सब्जी, फल और अन्य सामान की सप्लाई बंद कर दें। इतना ही नहीं किसान यूनियन दूध बेचने वाली यूनियन्स, ट्रक यूनियन्स और अन्य प्रकार की ग्रामीण सेवाओं से जुड़े हुए लोगों से बातचीत कर रहे हैं।

इस अभियान यानि बंद का मुख्य उद्देश्य शहरों के लोगों को ग्रामीण लोगों के प्रति किसानों की पीड़ा का अहसास दिलवाना है जिनको किसानों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है बल्कि वो बाजार के हिसाब से किसानों को सिर्फ कामगार के नजरिये से ही देखते हैं।

इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा है, किसान संगठनों ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर ज्यादा से ज्यादा प्रचार शुरु कर दिया है, इस प्रकार की पोस्टों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की रिकवेस्ट की जा रही है।

किसान संगठनों का आरोप है कि सरकारों की भी ज्यादातर योजनाएं शहरों के लिए ही बनती है, ग्रामीण इलाकों की तरफ से सरकारों का भी कोई ध्यान नहीं होता है, इस आंदोलन का मकसद गांव की ओर ध्यान आकर्षित करवाना होगा।

इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं और उनके हालात को लेकर सरकार और शहरी जनता को जगाना है। सरकार का किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है, किसान लगातार गरीब होता जा रहा है, किसानों की आमदनी लगातार घट रही है, किसानों को उनकी फसलों के दाम नहीं मिल रहे हैं और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।

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