PGI में भर्ती बदमाश पुलिसवालों से सांठ-गांठ कर देता था वारदात को अंजाम

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Chandigarh

PGI में करीब डेढ़ महीने पहले भर्ती हुआ प्रदेश का एक बदमाश भर्ती होने के दौरान ऐसे काम करता था कि उसकी सच्चाई जानकर हर कोई दंग रह गया था।

बदमाश PGI से बाहर निकलता था और वारदात करता था। वारदात के बाद वह फिर वापस वह अपने बेड़ पर आ जाता था।

सबसे पहले अपनी सुरक्षा में लगे हरियाणा पुलिस के तीन पुलिसकर्मी को पैसों का लालच देकर अपनी तरफ किया।

साथ ही वह पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर आइपीएल मैचों पर खूब सट्टा लगाया और तो और वह करनाल जाकर एक वारदात भी कर गया।

साथ ही इस बदमाश ने पीजीआइ में भर्ती होने की सूचना भी यूटी की पीजीआइ चौकी को नहीं दी और न ही उनके रजिस्टर में एंट्री करवाई। कैथल की जेल में बंद यह बदमाश पीजीआइ में दिल की बीमारी का इलाज कराने आया था।

इस बात का खुलासा करनाल पुलिस ने अपनी जांच में किया। पुलिस ने मुख्य आरोपित कैथल के डोगरा गेट निवासी राजेश सहित कैथल पुलिस के मुख्य सिपाही रवि शंकर और पंजाब के मानसा जिले के एतना खुर्द निवासी टैक्सी ड्राइवर गगन को गिरफ्तार कर लिया है।

एएसआइ ईश्वर सिंह और मुख्य सिपाही अजीत सिंह अभी फरार है।


बदमाश राजेश सट्टेबाजी के दावपेंच खूब जानता था। ऐसे में आइपीएल शुरू होते ही दिल की बीमारी का बहाना कर PGI में भर्ती हो गया।

यहां कैथल पुलिस के मुख्य सिपाही रवि शंकर व अजीत सिंह सहित एएसआइ ईश्वर सिंह को सुरक्षा का जिम्मा दिया गया।

इसी दौरान राजेश ने तीनों पुलिसकर्मियों को अपने साथ मिला लिया और उन्हें चंडीगढ़ में ही किराये पर कमरा लेकर ठहरा दिया। वहां उनकी खूब आवभगत होती।

 

लेकिन वह अपनी वारदात और सट्टो को बड़ी आराम से काम करता था।

 

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