मुसलमानों को उन्हीं के खर्च पर खुश कर गई हरियाणा सरकार, वक्फ बोर्ड उठाएगा चेयरमैन के मंत्री स्टेटस का खर्च

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रमजान शुरू होने से ठीक पहले और नमाज पर उठे विवाद के बाद हरियाणा सरकार ने वाहवाही लेने के लिए और खुद को धर्मनिरपेक्ष दिखाने के लिए हरियाणा वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को राज्य मंत्री का दर्जा देना घोषित कर दिया। लेकिन कमाल ये है कि सरकार की इस वाहवाही का खर्च हरियाणा वक्फ बोर्ड उठाएगा।

सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में साफ लिखा है कि चेयरमैन को राज्यमंत्री का दर्जा देने पर होने वाला सब खर्च वक्फ बोर्ड की तरफ से किया जाएगा। यानी सरकार ने वक्फ बोर्ड पर हर महीने लाखों रूपये का खर्च डाल दिया। अब चेयरमैन साहब को राज्यमंत्री की सुविधाएं देने के लिए पैसा उस फंड में से निकलेगा जो जरूरतमंद मुसलमानों के लिए होता है। फायदा एक शख्स को होगा और वाहवाही लेकर धर्मनिरपेक्ष कहलाएगी राज्य सरकार।

यानी हरियाणा सरकार ने काम ऐसा कर दिया कि ‘हींग लगे ना फिटकरी, रंग चोखा होय’।

कमाल यह भी है कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) ज्ञानचंद गुप्ता को भी राज्यमंत्री का दर्जा दे रखा है। और उनका सारा खर्च सरकार उठाती है, ना कि हरियाणा भाजपा।

इसी तरह विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला को भी राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है और उनको दी जा रही सुविधाओं का खर्च भी राज्य सरकार उठा रही है। नेता विपक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा पिछली सरकारों में भी दिया जाता रहा है और उसका खर्च सरकार ही उठाती है लेकिन अपने चीफ व्हिप को राज्यमंत्री का दर्जा देकर इस सरकार ने नई पहल की थी। नई पहल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को राज्यमंत्री दर्जा देने की भी की गई लेकिन दोनों मामलों में खर्चा उठाने को लेकर सरकार ने ठीक उलटा फैसला लिया है।

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