चौक चौराहों पर बैठे मजदूर अब दर्ज होंगे सरकार के रजिस्टर में, 24 योजनाओं से सुधरेगी उनकी जिंदगी

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श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रदेश में 2 से 31 जुलाई तक चलाए जा रहे श्रमिक पंजीकरण अभियान की अंबाला एवं नारायणगढ से शुरूआत की है। इसके साथ ही राज्य के लगभग 55 लेबर चौकों पर इस अभियान की शुरूआत की गई और मौके पर ही पहचान पत्र की कॉपी दी गई।
विशेष पंजीकरण अभियान के तहत प्रथम चरण में सभी लेबर चौकों से इसकी शुरूआत की गई है। इसके दूसरे चरण में निर्माण कार्यों पर लगे श्रमिकों का पंजीकरण किया जायेगा तथा तीसरे चरण में गांव-गांव जाकर श्रमिकों का पंजीकरण किया होगा। संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए 24 योजनाएं चलाई गई हैं जिनका लाभ श्रमिक ले सकते हैं।
श्रम मंत्री ने बताया कि श्रमिकों के लिए सस्ती दरों पर मात्र 10 रुपये में अच्छा भोजन उपलब्ध करवाने के लिए सोनीपत, गुरुग्राम, यमुनानगर, फरीदाबाद व हिसार सहित पांच जिलों में अंतोदय आहार योजना के तहत कंटीन खोली गई है। इसके दूसरे चरण में ऐसी ही कंटीन पंचकूला, अंबाला, पानीपत, करनाल तथा भिवानी जिलों में जल्द खोली जायेगी। 
पिछले साढे 3 वर्षों में प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों को लगभग 400 करोड़ रूपये की राशि अलग-अलग योजनाओं के तहत वितरित की है। श्रमिकों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से स्नातकोतर शिक्षा तक विद्यार्थियों को वजीफा 8000 रुपये 20000 रुपये तक दिया जाता है। इसके साथ ही अच्छे अंक प्राप्त करने वाले बच्चों 21000 रुपये से 41000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
श्रमिकों की बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत कुल एक लाख एक हजार रूपये तथा बेटे की शादी में 21000 की राशि देने का प्रावधान किया है। 

सैनी ने कहा कि मातृत्व लाभ 36000 रूपये, पितृत्व लाभ 21000 हजार रूपये, कन्यादान योजना में 51000 रूपये, मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना में 5100 रूपये वार्षिक, सिलाई मशीन योजना में 3500 रूपये, औजार (टूल किट) 8000, साईकिल 3000 रूपये, पैतृक घर जाने पर वास्तविक किराया, भ्रमण सुविधा वास्तविक किराया, चिकित्सा सहायता प्रचलित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर, घातक बिमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता 100000 रूपये, अक्षम बच्चों को वित्तीय सहायता 2000 रूपये प्रतिमाह, पैंशन (60 वर्ष की आयु उपरांत) 1000 रूपये प्रतिमाह, पारिवारिक पैंशन 500 रूपये प्रति माह, अपंगता पैंशन 3000 रूपये प्रति माह, श्रमिक की मृत्यु होने पर सहायता 200000 रूपये, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना में 500000, दाह संस्कार हेतु आर्थिक सहायता 15000 रूपये, अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर आर्थिक सहायता 250000 रूपये, मकान की खरीद/निर्माण हेतु ऋण 200000 रूपये तक दिये जाते है। 

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