Home Breaking श्रमिकों को सैलरी मिली तो चेहरों पर लौट आई रौनक, पलायन करने से किया इनकार

श्रमिकों को सैलरी मिली तो चेहरों पर लौट आई रौनक, पलायन करने से किया इनकार

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Pardeep Dhankar, Jhajjar: लॉकडाउन में पलायन की खबरों के बीच एक राहत की खबर बहादुरगढ से है। उद्यमियों और व्यवसायियों के लिए एक मिसाल पेश की है बहादुरगढ की एचएल सिटी ने। यंहा करीबन 500 श्रमिक काम करते हैं लेकिन एक भी श्रमिक लॉक डाउन में पलायन को नही गया है। सभी श्रमिक एचएल सिटी में ही है। यंहा उनको आज लॉकडाउन  के 7 दिनों का पैसा भी दिया गया है। यहीं नहीं उनके खाने पीने के समान की सुविधा भी की गई है और रहने के भी प्रबंध कंपनी की तरफ से किया गया है। कंपनी ने श्रमिको को उनका पूरा मेहनताना देने के साथ लॉक डाउन की अवधि में बिना काम के भी पैसा देना शुरू किया है। इससे श्रमिक बेहद खुश है।

श्रमिको का कहना है कि वो काम करने के लिए आए हैं यहां उन्हें कोई दिक्कत नहीं है इसलिए उन्हें लॉक डाउन का कोई भय नही है। उन्होंने कहा कि वो लॉक डाउन मैं। सोशल डिस्टेंसिंग भी रख रहे है ताकि बीमारी को पास आने ही न दिया जाए। वंही एचएल सीटी के निदेशक राकेश जून के कहना है श्रमिक की मेहनत से ही उन्हें ये मुकाम मिला है और मुसीबत की घड़ी में वो उनका साथ नही छोड़ सकते। श्रमिको को लॉक डाउन के दरम्यान भी उनको खर्च और पैसा दिया जाएगा। एचएल सिटी में 470 श्रमिक डेली वेजिज पर काम करते है जिन्हें आज कंपनी की तरफ से पैसा दिया गया है। इसकी शुरवात कर दी गयी है।

उन्होंने कहा कि राशन की पूरी व्यवस्था है और सब्जी के लिए रेहड़ी से व्यवस्था करवाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर सभी उद्योगपति और व्यवसायी श्रमिकों के साथ उचित व्यवहार करें उन्हें पैसा और सम्मान दें तो कोई पलायन नहीं करेगा। पलायन के बीच बहादुरगढ़ से आई ये तस्वीर न केवल सरकार के लिए राहत है बल्कि दूसरों के लिए नसीहत भी है कि मुश्किल घड़ी में कैसे अपनो और जरूरतमंदों की मदद की जाती है।

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