क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के मैनेजर हड़ताल पर, मांगें पूरी न हुई तो 15 अप्रैल को देशभर में बैंक रहेंगे बंद

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Indervesh DuhanYuva, Haryana

Bhiwni, 28-03-2018

ग्रामीण लोगों  तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सरकार की नीतियों के चलते स्पॉन्सर्ड बैंकों से पिछड़ते नजर आ रहे है। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के मैनेजर देश- भर में हड़ताल कर रहे हैं। जिसके चलते इन बैंकों का कार्य प्रभावित रहा।

यूनाईटेड फॉर्म ऑफ आरआरआरबी यूनियन के आह्वान पर राष्ट्रीव्यापी हड़ताल के चलते, भिवानी के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के बाहर जिला भर के बैंक मैनेजरों ने हड़ताल करते हुए वित्त मंत्रालय की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यूनियन मैनेजर जितेंद्र गिल ने बताया कि 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण इस उद्देश्य से किया गया था, कि आम आदमी तक बैंकों की पहुंच हो। लेकिन निजीकरण की नीतियों के चलते केंद्रीय वित्त मंत्रालय, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 51 फीसदी हिस्सेदारी प्राईवेट क्षेत्रों को देने पर अड़ा हुआ है, जिसका वे विरोध करते हैं।

अपनी मांगों का जिक्र करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ग्रामीण बैंकों की निजीकरण की प्रक्रिया को बंद करें, पेंशन सुविधा प्रायोजित बैंकों की तर्ज पर जारी करें, क्षतिपूर्ति आधार पर नियुक्तियां प्रायोजित बैंकों की तर्ज पर करें, कंप्यूटर इन्क्रीमेंट लागू करें, दिहाड़ीदार कर्मचारियों को नियमित करें, सर्विस की शर्ते व पदोन्नति का कार्य प्रायोजित बैंकों की तर्ज पर लागू किया जाए।

बैंक मैनेजर यूनियन ने अपनी हड़ताल के दौरान साफ कहा कि यदि 15 अप्रैल तक सरकार उनसे समझौता नहीं करती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

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