Home Breaking कोरोना को हराकर घर लौटी महिला का लोगों ने ऐसे किया स्वागत, पति ने जताया स्वास्थ्य विभाग का आभार

कोरोना को हराकर घर लौटी महिला का लोगों ने ऐसे किया स्वागत, पति ने जताया स्वास्थ्य विभाग का आभार

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Yuva Haryana, Hisar

कोरोना वायरस के चलते पूरे देशभर में लॉकडाउन की स्थिती बनी हुई है। कोरोना महामारी को लेकरहर एक के दिल में डर का माहौल बना हुआ, कोरोना के संक्रमण में आने वाले मरीज ठीक भी हो रहें है। इसी बीच हिसार जिले की पहली कोरोना पॉजिटिव इस बीमारी से मुक्ति पाने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अपने निवास स्थान पहुंची। सेक्टरवासियों ने घरों की बाल्कनी में खड़े होकर तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उनका व उनके पति का गर्मजोशी से स्वागत किया।

अग्रोहा मेडिकल के आइसोलेशन में दाखिल महिला की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे छुट्टी दी गई। वहीं क्वारंटाइन में रह रहे महिला के पति की रिपोर्ट भी निगेटिव आने के बाद उन्हें गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से छुट्टी दी गई। महिला के साथ उसके पति को भी रोडवेज बस में सेक्टर स्थित आवास पर लाया गया। महिला के पति ने बताया कि एक अंदेशा था कि कालोनी के लोग हमें देखकर दूर भागेंगे। लेकिन आसपड़ोस के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

महिला ने बताया कि मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मुझे बताया नहीं गया था। मैं सिविल अस्पताल के आइसोलेशन में थी। वहां से रात को 11.30 बजे मुझे बाहर लाया गया। मुझे बिना कुछ बताए एंबुलेंस में बैठा दिया गया, मेरे पति को इस समय बुलाया गया था।

अग्रोहा मेडिकल में मेरी स्क्रीनिंग की गई। वहां स्टाफ आपस में मेरे पॉजिटिव आने की बात कर रहे थे तो पता लगा कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूं। तब मुझे पता लगा कि इसलिए मुझे यहां लाया गया है। फिर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। उस दिन डाक्टर व नर्स दरवाजा खोलकर बिस्तर भी दूर से ही फेंक कर जा रहे थे। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होती गई, कमरे में आकर खाना देने लग गए, बीपी, शुगर, ऑक्सीजन चेक की जाने लगी थी।

खाने में सुबह चाय के साथ बिस्किट, दोपहर में दाल, सब्जी, चावल और रात में खिचड़ी दी जा रही थी। अमेरिका में रह रहे बेटे और क्वारंटाइन में रह रहे पति से वीडियो कॉल पर दिन में दो से तीन बार बात करती थी। पति, बच्चे मुझसे ज्यादा अपसेट थे, इसलिए मैं ही उन्हे सांत्वना देती थी। क्योंकि मुझे विश्वास था कि यह कोरोना के माइनर लक्षण हैं। दवा खाने से ठीक हो जाएगा।

मैंने हिम्मत नहीं हारी, यहीं सोचा था कि स्वस्थ होकर वापस घर जाउंगी। सिविल अस्पताल जाने से पहले मैंने चार-पांच दिन घर में पैरासिटामोल के साथ कुछ अन्य दवा ली थी। उस समय सिर्फ खांसी और 100 डिग्री बुखार था। जब 18 मार्च को अमेरिका से हिसार लौटी थी तो कालोनी का माहौल अलग था। सभी दूर भाग रहे थे, लेकिन अब लौटी हूं तो सबने तालियां बजाकर स्वागत किया। हेल्थ विभाग की टीम का बहुत साथ रहा। एक सप्ताह बाद लौटी हूं, घर में आकर अच्छा लग रहा है। अभी 14 दिन घर में ही क्वारंटाइन पर रहेंगे।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को स्वस्थ लौटने पर गुलाब का फूल देकर महिला का स्वागत किया। टीम का नेतृत्व जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के जीव वैज्ञानिक डा. रमेश पुनिया ने किया। उनके साथ एमपीएचडब्ल्यू नूर मोहमद, सुनील शर्मा ने महिला के सुखद जीवन की मंगलकामनाए करते हुए घर प्रवेश करवाया। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, एमपीएचडब्ल्यू स्वास्थ्य कर्मचारियों, नर्स और पुलिस कर्मियों के लिए भी कोरोना की जंग में अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभाने के लिए फूल बरसाए गए। रमेश पुनिया ने बताया कि विभाग द्वारा महिला और उसके पति को हर संभव मदद प्रदान करते हुए उन्हें घर जैसा वातावरण प्रदान करने का प्रयास किया गया और लगातार मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रोत्साहित किया गया परिणामस्वरूप उनके स्वास्थ्य में गुणात्मक सुधार हुआ। इस अवसर पर वार्ड के एमसी मनीष ग्रोवर, पुलिस कर्मियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

कोरोना को हराकर घर लौटी महिला का सेक्टरवासियों ने इस तरह किया स्वागत, पति ने स्वास्थ्य विभाग का जताया आभारमहिला के पति ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार जताते हुए कहा कि विभाग के डॉक्टर, स्टाफ ने उनकी भरपूर मदद की। जीव वैज्ञानिक डा. रमेश पूनिया ने तो पहले दिन पानी और खाना अपने घर से लाकर दिया। वहीं उन्होंने मानसिक तौर पर स्पोट दिया।

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