Wow वुमनिया ने ‘सात सुरों की यात्रा’ में लगाए चार चांद, दर्शक भी हुए झूमने पर मजबूर

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Yuva Haryana

Chandigarh, 29 April, 2018

चंडीगढ़ में AR मेलोडीज एसोसिएशन और वाओ वुमनिया टीम ने मिलकर एक रंगीन शाम का आयोजन किया। सुरों से भरी इस शाम का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।

पंजाब कला भवन के रंधावा सभागार में आयोजित प्रोग्राम सुरीला सफर- सात सुरों की यात्रा (Journey with seven notes) में गायकों की प्रस्तुति ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

इस प्रोग्राम में 35 गायकों ने हिंदी फिल्मों के मधुर गीत गा कर शाम को हसीन बना दिया। गृह सचिव हरियाणा सरकार S.S प्रसाद ने इस प्रोग्राम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

इस रंगीन शाम का लुत्फ उठाने कुछ आला अधिकारी भी प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचे। जिसमें चंडीगढ़ के मेयर देवेश मुदगिल, वित्त सचिव हरियाणा रंजू प्रसाद, IAS चंद्र गेंद, पूर्व IAS रोशन लाल, समाजिक कार्यकर्ता नीलम खोखा शामिल रहे।

इस प्रोग्राम का संगीत संयोजन संगीत निर्देशक डॉ. अरुण कांत ने किया। प्रोगम की शुरुआत डॉ. अरुण कांत और जसप्रीत कोर ने ईश वंदना गा कर की।

AR  मेलोडीज एसोसिएशन के निर्देशक डॉ अरुण कान्त ने बताया कि 5 सालों से आरमा संस्था की ओर से उभरते गायकों को निरंतर मंच प्रदान करने के साथ उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शहर के संगीत प्रेमी कलाकारों को मंच देना और नागरिकों को संगीत से जोड़ना है।

वाओ वुमनिया की सह निर्देशक नीलम खोखा ने बताया कि आज के कार्यक्रम में महिलाओं की अच्छी भागीदारी हुई है। हम महिलाओं के विकास के लिए हमेशा आगे बढ़ कर सहायता करते हैं।

सुरों से भरी शाम में मंजली सहारण ने फिजा भी है जवां- जवां गीत गा कर सबका मन मोह लिया।

 

 

शर्मिला शर्मा व कविता शर्मा ने रेशमी सलवार कुर्ता जाली, रोशन लाल ने ये माना मेरी जां मोहब्बत सजा है मगर इसमे इतना मजा किस- लिए है, ममता सौदा और विकास ने ये रातें ये मौसम नदी का किनारा ये चंचल हवा, जसप्रीत और रमेश धीमान ने-  वादा कर ले साजना तेरे बिना मैं न रहूँ, एस एस प्रसाद ने पल- पल दिल के पास तुम रहती हो, रंजू प्रसाद ने-  वो भूली दास्तां फिर याद गई, चंद्र गेंद ने रात- कली इक ख्वाब में आई, रीति मित्तल व तरसेम राज ने- मुझे कितना प्यार है तुमसे अपने ही दिल से पूछो तुम -अनन्या व माधव ने- सारे शहर में आप सा कोई नहीं, कृतिका और इशप्रीत ने- तुझे देखा तो ये जाना सनम, प्रीति और साहिल ने – आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर, भाविका और विख्यात ने – जाने कहां मेरा जिगर गया जी, दिती व निखिला ने – तुमको पिया दिल दिया ,संचिता और अनिल शर्मा ने, जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा व अन्य कलकारो ने हिंदी फिल्मों के गीतों से शाम को यादगार बनाया।

 

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