सहमति से बने संबंध दुष्कर्म नहीं, बालिग युवती अपना भला-बुरा जानती है- कोर्ट

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Yuva Haryana,

Yamunanagar, 16Feb,2019

प्रेम प्रसंग में सहमति से बने संबंध को दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। बालिग और पढ़ी लिखी युवती अपने भले-बुरे के बारे में जानती है। शिकायकर्ता ने युवक की शादी रुकवाने के इरादे से यह सब किया और साजिश के तहत युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया। यमुनानगर के जगाधरी की युवती की ओर से दर्ज दुष्कर्म के मामले में एडिशनल सेशन जज चंद्रशेखर की कोर्ट ने दिल्ली निवासी आजाद उर्फ बबलू को बरी कर दिया।

एडवोकेट पवन सिब्बल के मुताबिक 19 नवंबर 2016 को कश्मीरी गेट पुलिस ने जगाधरी वर्कशॉप निवासी युवती की शिकायत पर दिल्ली निवासी आजाद पर दुष्कर्म और अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की। शिकायतकर्ता के मुताबिक नवंबर 2015 में वह युवक के साथ अपनी सहेली के घर गई। युवती ने आरोप लगाया था कि यहां युवक ने शादी का झांसा देकर उससे संबंध बनाए। युवक ने मोबाइल से उसकी कुछ अश्लील तस्वीरें खींच लीं।

एडवोकेट के मुताबिक 18 नवंबर 2016 को युवती ने युवक को दिल्ली बस स्टैंड पर बुलाया और खुद भी वहां पहुंची। युवक के बस स्टैंड पर पहुंचने के बाद युवती ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुला लिया। इसके बाद दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दे दी।

युवती ने पुलिस को बताया कि युवक ने उसे फोटो देने के लिए सहेली के घर बुलाया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उस पर अपने दोस्त के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डाला।

शिकायत पर पुलिस ने दिल्ली के अस्पताल में लड़की की मेडिकल जांच करवाई और लड़के की जांच यमुनानगर में करवाई। दोनों जांचों में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी। युवक युवती की सहेली की जेठानी का बेटा है। जब उनकी दोस्ती हुई, तब युवक की उम्र 15 साल और युवती 20 साल की थी। कोर्ट में बहस के दौरान एडवोकेट ने दोनों की ऐसी तस्वीरें पेश कि जिनसे प्रतीत नहीं होता कि युवक ने युवती के साथ जबदस्ती की हो। इन तस्वीरों को कोर्ट ने अहम माना।

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